भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर इन दिनों जबरदस्त दबाव में हैं। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 0-2 से घरेलू टेस्ट सीरीज हारने के बाद उनकी कोचिंग पर सवालों की बौछार हो रही है। लगातार दो बार होम टेस्ट में वाइटवॉश झेलने वाले गंभीर भारतीय क्रिकेट इतिहास में पहले कोच बन गए हैं। इसी कारण टीम की योजना, चयन और गंभीर की कोचिंग शैली पर गहन चर्चा चल पड़ी है।
रवि शास्त्री ने दी खुली चेतावनी
पूर्व भारतीय कोच रवि शास्त्री ने गंभीर के लिए सख्त और सीधी चेतावनी जारी की है। एक इंटरव्यू में शास्त्री ने कहा कि ऐसी स्थिति में घबराने की बजाय संयम रखना सबसे जरूरी है। उन्होंने साफ कहा कि खराब प्रदर्शन की स्थिति में किसी भी कोच को हटाया जा सकता है, इसलिए गंभीर को धैर्य के साथ टीम को संभालना होगा।
शास्त्री ने आगे कहा, “कोच के लिए सबसे महत्वपूर्ण है कि वह खिलाड़ियों के साथ सही बातचीत करे। मैन-मैनेजमेंट ही आपको मुश्किल दौर में आगे बढ़ने की ताकत देता है। दबाव को अपने ऊपर हावी होने देने की जगह आपको अपने काम का आनंद लेना चाहिए।”
गंभीर के कार्यकाल की उपलब्धियां और निराशाएं
गौतम गंभीर के डेढ़ साल के कार्यकाल में टीम इंडिया ने दो बड़े खिताब अपने नाम किए:
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आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी 2025
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एशिया कप 2025
इन दोनों टूर्नामेंट में भारत ने एक भी मैच नहीं गंवाया, जो गंभीर की रणनीति के सकारात्मक पहलू को दिखाता है।
लेकिन दूसरी ओर, टेस्ट क्रिकेट में भारत का प्रदर्शन लगातार गिरा है। गंभीर की कोचिंग में टीम ने:
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घर में न्यूजीलैंड के खिलाफ वाइटवॉश
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घर में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ वाइटवॉश
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और ऑस्ट्रेलिया के विदेशी दौरे में हार
जैसे झटके झेले हैं। यही कारण है कि टेस्ट क्रिकेट की दिशा और तैयारी पर कई सवाल उठ खड़े हुए हैं।
सीनियर खिलाड़ियों से रिश्तों को लेकर चर्चा
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, गंभीर और सीनियर खिलाड़ियों—विराट कोहली और रोहित शर्मा—के बीच रिश्ते पहले जैसे सहज नहीं हैं। हालांकि भारतीय टीम की तरफ से इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को लेकर खूब बहस हो रही है। कई पूर्व खिलाड़ी भी संकेत दे चुके हैं कि टीम के भीतर तालमेल की समस्या मौजूद हो सकती है।
सबसे बड़ी चुनौती: T20 वर्ल्ड कप 2026
अब गंभीर के सामने अगली और सबसे अहम परीक्षा दुनिया की सबसे बड़ी T20 प्रतियोगिता है। साल 2026 में भारत T20 वर्ल्ड कप की मेजबानी करेगा और घरेलू परिस्थितियों में भारत खिताब का सबसे बड़ा दावेदार माना जा रहा है।
ऐसे में गंभीर पर टीम को सही संयोजन देना, खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाना और ड्रेसिंग रूम में बेहतर तालमेल बनाना बड़ी जिम्मेदारी होगी। वर्ल्ड कप का नतीजा गंभीर के भविष्य का फैसला भी कर सकता है।
आगे का रास्ता आसान नहीं
गौतम गंभीर की कोचिंग पर उठ रहे सवालों के बीच यह साफ है कि आने वाला समय उनके लिए बेहद चुनौतीपूर्ण होगा। खिलाड़ियों के साथ संबंधों से लेकर टीम के प्रदर्शन तक, हर पहलू पर गंभीर को कड़ा काम करना होगा। अब सारी निगाहें इस बात पर हैं कि क्या गंभीर टीम इंडिया को फिर से जीत की राह पर ला पाएंगे।
