पंजाब में आज खेती और युवाओं की ऊर्जा राज्य के विकास की मजबूत ताकत बन चुकी है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में राज्य सरकार किसानों की बेहतरी को प्राथमिकता देते हुए लगातार नए कदम उठा रही है। पानी की सही उपलब्धता, फसल विविधिकरण और सरकारी खरीद को पारदर्शी बनाने जैसे कामों से किसानों को बड़ा फायदा मिल रहा है।
इस साल धान की रिकॉर्ड खरीदारी
पंजाब की मंडियों में इस साल धान की ऐतिहासिक खरीद दर्ज की गई है। राज्य की अलग-अलग मंडियों में लगभग 150 लाख टन (150 लाख मीट्रिक टन) धान खरीदा जा चुका है, जिसे अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा बताया जा रहा है।
सरकार ने मंडियों में किसानों, आढ़तियों और मजदूरों के लिए सभी जरूरी सुविधाएँ उपलब्ध करवाईं—जैसे साफ-सफाई, तौल मशीनें, पानी की व्यवस्था, शेड और सुरक्षा—जिससे खरीद प्रक्रिया बिना किसी बाधा के चलती रही।
सबसे बड़ी राहत यह है कि किसानों को उनकी फसल की कीमत सीधे बैंक खातों में भेजी जा रही है। अब तक किसानों के खातों में 32,000 करोड़ रुपए से ज्यादा की राशि ट्रांसफर हो चुकी है। इससे किसानों का भरोसा सरकारी खरीद पर और मजबूत हुआ है।
एमएसपी पर खरीद और फसल विविधिकरण पर जोर
मान सरकार का स्पष्ट कहना है कि किसानों की मेहनत से उगाई गई फसल का एक-एक दाना एमएसपी पर खरीदा जाएगा। इसी दिशा में राज्यभर की 1,800 से अधिक मंडियों में लगातार धान की खरीद जारी है।
इसके साथ ही सरकार किसानों को गेहूं-धान चक्र से बाहर निकालने के लिए फसल विविधिकरण पर भी जोर दे रही है। सब्जियों, फल, मक्का और दालों की खेती को बढ़ावा देने के लिए जागरूकता और प्रोत्साहन दोनों दिए जा रहे हैं।
मंडियों में बेहतर प्रबंधन, किसानों को बड़ी सुविधा
इस सीजन की सबसे खास बात यह रही कि मंडियों में किसी तरह की अफरा-तफरी या लंबी लाइनों की समस्या नहीं देखने को मिली।
फसलों के भंडारण के लिए उचित इंतज़ाम, ट्रॉली और ट्रकों की आवाजाही के लिए अलग मार्ग, नमी की जांच की नई मशीनें और पारदर्शी तौल व्यवस्था ने किसानों का अनुभव पहले से कहीं बेहतर बनाया।
किसान अब बिना किसी तनाव के अपनी फसल बेच पा रहे हैं। आढ़तियों और मजदूरों को भी समय पर भुगतान होने से मंडियों में सकारात्मक माहौल बना हुआ है।
किसानों को भरोसा—सरकार उनके साथ
पंजाब के किसानों का कहना है कि इस बार धान की खरीद तेजी से और पारदर्शिता के साथ हुई है। भुगतान समय पर मिलना सबसे बड़ी राहत है।
मान सरकार का दावा है कि पंजाब की किसानी को मजबूत बनाकर ही राज्य की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाई दी जा सकती है—और उसी दिशा में यह कदम बड़ी भूमिका निभा रहे हैं।
