पंजाब ने शिक्षा क्षेत्र में एक और बड़ा कदम उठाते हुए पूरे राज्य में करियर गाइडेंस का संरचित सिस्टम लागू करने की शुरुआत कर दी है। इस पहल के तहत राज्य सरकार ने IIT मद्रास प्रवर्तक के साथ सहयोग किया है, जिसके जरिए हर स्कूल के शिक्षक को प्रशिक्षित करियर मेंटर बनाया जाएगा। पंजाब देश का पहला राज्य बन गया है, जिसने इस स्तर पर ऐसा कार्यक्रम लागू किया है।
5,000 से अधिक शिक्षक होंगे प्रशिक्षित
शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने बताया कि इस महत्वाकांक्षी कार्यक्रम के तहत शुरुआती चरण में राज्य के 5,000 से अधिक शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जाएगा। ये शिक्षक छात्रों को भविष्य को ध्यान में रखते हुए सही और सूझबूझ भरे करियर निर्णय लेने में मदद करेंगे।
शिक्षकों को मिलेगा मुफ्त ऑनलाइन प्रशिक्षण
बैंस ने बताया कि इस कार्यक्रम में शामिल शिक्षकों को फ्री ऑनलाइन ट्रेनिंग दी जाएगी, जिसमें शामिल होंगे—
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बुनियादी करियर काउंसलिंग के सिद्धांत
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कक्षा में करियर सत्र लेने की तकनीक
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एक-से-एक मार्गदर्शन के कौशल
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टॉप 100 डिमांड वाले करियर की जानकारी
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वैज्ञानिक आकलन उपकरण और करियर गाइडेंस फ्रेमवर्क
IIT मद्रास प्रवर्तक की ओर से शिक्षकों को लगातार अकादमिक सपोर्ट और डिजिटल संसाधन भी उपलब्ध करवाए जाएंगे।
शिक्षक बनेंगे छात्रों के करियर साथी
हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि यह पहल केवल प्रशिक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य स्कूलों में एक मजबूत करियर गाइडेंस सिस्टम तैयार करना है। कार्यक्रम पूरा करने के बाद शिक्षक छात्रों को उनकी रुचियों, क्षमताओं और भविष्य की संभावनाओं के अनुसार सही दिशा चुनने में मदद कर सकेंगे। इससे करियर चयन अनुमान या सुनी-सुनाई बातों पर नहीं, बल्कि वैज्ञानिक आधार पर होगा।
ग्रामीण इलाकों के छात्रों को मिलेगा बड़ा फायदा
पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन डॉ. अमरपाल सिंह ने कहा कि यह योजना खासकर ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों के छात्रों के लिए मील का पत्थर साबित होगी, जिन्हें अब तक गुणवत्तापूर्ण करियर मार्गदर्शन के अवसर नहीं मिल पाते थे। आने वाले महीनों में हजारों शिक्षक नई स्किल्स और नए आत्मविश्वास के साथ लाखों बच्चों का भविष्य संवारने में सक्षम होंगे।
किसी भी बच्चे का करियर भ्रम में न छूटे
IIT मद्रास प्रवर्तक के चीफ नॉलेज ऑफिसर श्रीकांत ने कहा, “हमारा लक्ष्य सरल है – पंजाब का कोई भी बच्चा करियर को लेकर भ्रम या जानकारी की कमी के कारण गलत निर्णय न ले।”
यह पहल पंजाब को शिक्षा के क्षेत्र में एक नए युग की ओर ले जाने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है।
