उत्तर गोवा के अरपोरा गांव में शनिवार देर रात हुए एक बड़े हादसे ने पूरे राज्य को हिला दिया। 6–7 दिसंबर 2025 की रात एक नाइट क्लब में अचानक आग भड़क उठी, जिसने कुछ ही मिनटों में पूरे परिसर को अपनी चपेट में ले लिया। सोशल मीडिया पर इस घटना का वीडियो तेजी से फैल रहा है, जिसमें आग की तेज लपटें और काले धुएं का गुबार स्पष्ट दिखाई दे रहा है। दूर से सायरन की आवाजें इस भयावह माहौल को और भी डरावना बना देती हैं।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, रात करीब 12:04 बजे क्लब के अंदर जोरदार धमाका हुआ। इसके तुरंत बाद आग तेजी से फैलने लगी। देखते ही देखते पूरा हॉल धुएं से भर गया, जिससे बाहर निकलने के रास्ते कम दिखाई देने लगे। कई कर्मचारी अंदर ही फंस गए और बाहर आने का मौका नहीं मिल पाया।
घटना की जानकारी मिलते ही गोवा पुलिस, फायर ब्रिगेड और एम्बुलेंस की कई टीमें तुरंत मौके पर पहुँचीं। आग पर काफी मशक्कत के बाद काबू पाया गया। अधिकारियों ने बताया कि मलबे की जांच के दौरान अब तक 23 शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि कुल मृतकों की संख्या 25 होने की आशंका है। कई कर्मचारी गंभीर रूप से झुलस गए थे, जिन्हें पास के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
गोवा के डीजीपी आलोक कुमार ने बताया कि शुरुआती जांच में गैस सिलेंडर फटने को आग का कारण माना जा रहा है। क्लब के अंदर मौजूद एक सिलेंडर में लीकेज होने की आशंका है, जिससे यह विस्फोट हुआ। उन्होंने कहा कि घटनास्थल की वैज्ञानिक जांच की जा रही है और हर कोण से मामले की पड़ताल की जाएगी।
हादसे की जानकारी मिलते ही गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत भी देर रात क्लब पहुंचे। उन्होंने स्थानीय अधिकारियों से स्थिति की जानकारी ली और राहत-बचाव कार्यों का जायजा लिया। मीडिया से बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह घटना गोवा जैसे पर्यटन केंद्र के लिए बेहद दुखद है। उन्होंने बताया कि प्राथमिक जांच में यह साफ हुआ है कि क्लब प्रबंधन ने सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया था। उन्होंने आश्वासन दिया कि ऐसी लापरवाही बरतने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सरकार इस पूरे मामले की विस्तृत जांच कराएगी, ताकि आग लगने के वास्तविक कारणों का पता चल सके। उन्होंने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदनाएं व्यक्त कीं और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
स्थानीय प्रशासन के मुताबिक, इस हादसे में किसी भी पर्यटक की मौत नहीं हुई है। मृतकों में अधिकतर क्लब के कर्मचारी थे, जो घटना के समय अंदर काम कर रहे थे। कई कर्मचारियों तक धुआं तेजी से पहुँच गया और वे बाहर नहीं निकल पाए।
इस दुखद घटना के बाद अरपोरा इलाके में शोक का माहौल है। निवासियों ने बताया कि जिस समय हादसा हुआ, उस वक्त क्लब में संगीत तेज आवाज में चल रहा था, जिसके कारण कई लोगों को धमाके की आवाज समझ ही नहीं आई। जब तक लोगों को आग का पता चला, लपटें काफी फैल चुकी थीं।
फिलहाल पुलिस क्लब को सील कर चुकी है और जांच जारी है। आग के वास्तविक कारण और जिम्मेदार लोगों की पहचान के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
