सिख समुदाय की भावनाओं पर लगे पुराने घावों को भरने और न्याय की लंबी चल रही मांग को पूरा करने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस ने बड़ा एक्शन लिया है। श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के 328 पवित्र सरूपों के गायब होने के मामले में पुलिस ने 16 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। यह कदम समुदाय में न्याय और आस्था की रक्षा की उम्मीद को फिर से मजबूत करता है।
सरकार बेअदबी पर सख्त: स्पीकर संधवां का बयान
इस मामले पर पंजाब विधानसभा के स्पीकर श्री कुलतार सिंह संधवां ने स्पष्ट कहा है कि पंजाब सरकार किसी भी धर्म की बेअदबी को कतई बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने दोहराया कि पवित्र ग्रंथों के प्रति की गई कोई भी बेअदबी एक गंभीर अपराध है, और इसमें शामिल किसी भी व्यक्ति को सख्त सज़ा मिलेगी।
उन्होंने कहा, “गुरु साहिबानों ने हमें हर धर्म की रक्षा का मार्ग दिखाया है, और सरकार इस सिद्धांत पर डटकर चलेगी।”
भाई बलदेव सिंह वडाला ने सरकार की कार्रवाई का स्वागत किया
भाई बलदेव सिंह वडाला ने 328 सरूपों की बेअदबी से जुड़े दोषियों पर एफआईआर दर्ज करने के लिए पंजाब सरकार की प्रशंसा की। उन्होंने इसे सिख समुदाय की लंबे समय से उठाई जा रही मांग का सम्मान बताया।
इसके साथ ही उन्होंने स्पीकर संधवां से अपील की कि विधानसभा में ऐसा कानून लाया जाए, जिसमें बेअदबी जैसे अपराधों के दोषियों को मृत्युदंड तक की सज़ा का प्रावधान हो, ताकि कोई भी भविष्य में ऐसी हरकत करने की हिम्मत न कर सके। यह समाज के लिए एक मजबूत और सख्त संदेश होगा।
इन 16 लोगों के खिलाफ दर्ज हुई एफआईआर
पुलिस ने जिन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है, उनके नाम इस प्रकार हैं—
डॉ. रूप सिंह, मनजीत सिंह, गुरबचन सिंह, सतिंदर सिंह, निशान सिंह, परमजीत सिंह, गुरमुख सिंह, जुझार सिंह, बाज सिंह, दलबीर सिंह, कमलजीत सिंह, कुलवंत सिंह, जसप्रीत सिंह, गुरबचन सिंह, सतिंदर सिंह और अमरजीत सिंह।
इन धाराओं के तहत हुई कार्रवाई
थाना डिवीजन-सी, अमृतसर कमिश्नरेट में दर्ज इस एफआईआर में भारतीय दंड संहिता (IPC) की कई गंभीर धाराएँ शामिल हैं—
- 295: पूजा स्थल या पवित्र वस्तु को नुकसान पहुँचाना
- 295-ए: धार्मिक भावनाएँ भड़काने वाली जान-बूझकर की गई गतिविधियाँ
- 409: आपराधिक विश्वासघात
- 465: जालसाज़ी
- 120-बी: आपराधिक साज़िश
लंबी जांच के बाद हुआ खुलासा
यह कदम एसजीपीसी के अमृतसर स्थित प्रकाशन घर, श्री गुरु ग्रंथ साहिब भवन की लंबे समय से चल रही जांच के बाद उठाया गया। जांच में रिकॉर्ड रखने में कई गंभीर खामियाँ और खराब प्रबंधन सामने आया, जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई को अंजाम दिया।
