हफ्ते के पहले कारोबारी दिन सोमवार को शेयर बाजार में बड़ी गिरावट देखने को मिली। कारोबार की शुरुआत से ही कमजोरी बढ़ती गई और बाजार दिनभर दबाव में रहा। कारोबार समाप्त होते समय सेंसेक्स 609 अंक टूटकर 85,102.69 पर बंद हुआ। यह 0.71% की गिरावट दर्शाता है।
सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 29 स्टॉक लाल निशान में रहे। केवल एक ही शेयर बढ़त के साथ बंद हो सका, जो बाजार में फैली कमजोरी की स्थिति को साफ दिखाता है।
निफ्टी ने तोड़ा 26,000 का स्तर
निफ्टी में भी तेज गिरावट देखने को मिली। सूचकांक ने अहम 26,000 के सपोर्ट लेवल को तोड़ दिया और 225.90 अंक यानी 0.86% की गिरावट के साथ 25,960.55 पर बंद हुआ।
दिन के निचले स्तरों के पास बंद होना यह दर्शाता है कि बाजार में बिकवाली का दबाव अधिक था और निवेशकों की धारणा कमजोर रही।
एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख
ग्लोबल बाजारों का हाल भी निवेशकों का भरोसा नहीं बढ़ा सका।
बुधवार को एशियाई बाजारों में मिश्रित कारोबार देखने को मिला—
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जापान का निक्केई 0.03% गिरकर 50,473 पर
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कोरिया का कोस्पी 0.19% चढ़कर 4,107 पर
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हांगकांग का हैंग सेंग 0.98% गिरकर 25,829 पर
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चीन का शंघाई कंपोज़िट 0.62% बढ़कर 3,927.19 पर ट्रेड कर रहा था
वैश्विक उतार-चढ़ाव का असर भारतीय बाजार पर भी साफ देखा गया।
अमेरिकी बाजारों में मामूली बढ़त
5 दिसंबर को अमेरिकी बाजारों में हल्की बढ़त दर्ज की गई—
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डाओ जोन्स 0.22% चढ़कर 47,954 पर बंद
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नैस्डैक 0.31% की बढ़त के साथ बंद
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S&P 500 भी 0.19% ऊपर रहा
हालांकि अमेरिकी बाजार में सुधार के बावजूद एशियाई और भारतीय बाजारों पर इसका सकारात्मक प्रभाव नहीं दिखा।
FIIs की लगातार बिकवाली ने बढ़ाया दबाव
भारतीय बाजार की गिरावट के पीछे एक बड़ी वजह विदेशी निवेशकों (FIIs) की भारी बिकवाली भी रही।
5 दिसंबर को—
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FIIs ने 239.26 करोड़ रुपये की बिकवाली की
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DIIs ने 3,853.57 करोड़ रुपये की खरीदारी कर बाजार को संभालने की कोशिश की
दिसंबर के पहले पांच दिनों में FIIs कुल 10,203 करोड़ रुपये के शेयर बेच चुके हैं, जबकि DIIs ने 19,449 करोड़ रुपये खरीदे हैं।
नवंबर में भी FIIs ने 17,500 करोड़ रुपये की बिकवाली की थी, जबकि DIIs ने 77,083 करोड़ रुपये की रिकॉर्ड खरीदारी की थी।
