पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने चंडीगढ़ में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान 505 मिनी बसों के परमिट वितरित किए। इस मौके पर उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य गांवों को मजबूत और सुलभ सार्वजनिक परिवहन से जोड़ना है। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि पंजाब सरकार जल्द ही 1300 नई सरकारी बसें भी सड़कों पर उतारेगी, जिससे प्रदेश का पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम और मजबूत होगा।
“केंद्रीकरण नहीं, पहले हुआ था ‘बादलीकरण’”
मुख्यमंत्री ने इस दौरान पूर्व सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि बस सेवाओं का केंद्रीकरण करने की बजाय कुछ परिवारों ने पूरे सिस्टम को अपने कब्जे में ले लिया था। उन्होंने सीधे तौर पर बादल परिवार पर तंज कसते हुए कहा कि पंजाब में रूट आम लोगों की बजाय चंद लोगों के हाथों में चले गए थे।
साथ ही कांग्रेस नेता प्रताप सिंह बाजवा पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में सबसे ज्यादा टोल प्लाजा लगाए गए, जिससे आम जनता पर आर्थिक बोझ बढ़ा।
मनरेगा और अग्निवीर पर केंद्र सरकार पर हमला
मुख्यमंत्री मान ने केंद्र सरकार की नीतियों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि मनरेगा योजना का नाम बदलकर गरीबों के साथ अन्याय किया जा रहा है। इसके विरोध में जनवरी के दूसरे हफ्ते में पंजाब विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया जाएगा।
अग्निवीर योजना को लेकर भी उन्होंने चिंता जताई और कहा कि पंजाब से जुड़े हर मुद्दे को वे मजबूती से उठाते रहेंगे।
“मिनी बस की खुशी क्या होती है, ये वो नहीं जानते”
भावुक अंदाज में मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन लोगों को पहली बार मिनी बस का परमिट मिला है, उनकी खुशी को वही समझ सकते हैं जो मेहनत करके यहां तक पहुंचे हैं। उन्होंने बताया कि अब तक 1100 से ज्यादा परमिट जारी किए जा चुके हैं, जिनमें से आज 505 दिए गए। इनमें जालंधर, पटियाला, बठिंडा और फिरोजपुर आरटीए के परमिट शामिल हैं।
करीब 450 लोग ऐसे हैं जिन्हें पहली बार परमिट मिला है। हर मिनी बस 5–6 गांवों को जोड़ेगी और 35 किलोमीटर के दायरे में चलेगी।
सड़कें भी बनेंगी मजबूत, सिर्फ लीपापोती नहीं
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार 19 हजार किलोमीटर गांवों की सड़कों का निर्माण कर रही है और कुल मिलाकर 43 हजार किलोमीटर सड़कें बनाई जा रही हैं। अब सड़कों की गुणवत्ता पर खास ध्यान दिया जा रहा है और ठेकेदार को 5 साल की जिम्मेदारी दी जा रही है।
उन्होंने ऑपरेटरों से अपील की कि बसें समय पर चलें, ताकि लोगों का भरोसा धीरे-धीरे मजबूत हो।
17 टोल प्लाजा बंद, रोजाना लाखों की बचत
मुख्यमंत्री मान ने बताया कि अब तक 17 टोल प्लाजा बंद किए जा चुके हैं, जिससे हर दिन करीब 64 लाख रुपये की बचत हो रही है। उन्होंने कहा कि टोल टैक्स विकल्प के रूप में होना चाहिए, मजबूरी नहीं।
उन्होंने टोल कंपनियों पर भी सवाल उठाए और कहा कि अगर काम अच्छा होगा तो लोग सम्मान देंगे, नहीं तो जनता खुद जवाब देगी।
गांव, रोजगार और आत्मनिर्भरता की ओर कदम
यह पूरा कदम केवल परिवहन सुधार नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर पंजाब की दिशा में एक बड़ा प्रयास है। मिनी बस परमिट से ड्राइवर, कंडक्टर, मैकेनिक जैसे कई लोगों को रोजगार मिलेगा और गांवों की कनेक्टिविटी मजबूत होगी। मुख्यमंत्री ने साफ कहा— “हम पंजाब के युवाओं को नौकरी मांगने वाले नहीं, नौकरी देने वाला बनाना चाहते हैं।”
