पंजाब को नशामुक्त बनाने की दिशा में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए पंजाब पुलिस ने शनिवार को पूरे राज्य में एक साथ विशेष अभियान चलाया। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के निर्देशों पर और पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव के आदेशानुसार, राज्य के सभी 28 पुलिस जिलों में पहचाने गए ड्रग हॉटस्पॉट्स पर ‘कासो’ नाम से यह विशेष मुहिम शुरू की गई।
एक साथ 28 जिलों में चला अभियान
यह अभियान पूरे पंजाब में एक ही समय पर चलाया गया, ताकि नशा तस्करों पर दबाव बनाया जा सके और वे बच न सकें। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान पहले ही पुलिस कमिश्नरों, डिप्टी कमिश्नरों और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों को साफ निर्देश दे चुके हैं कि पंजाब को हर हाल में नशामुक्त बनाया जाए।
494 ड्रग हॉटस्पॉट्स पर छापेमारी
विशेष डीजीपी (कानून एवं व्यवस्था) अर्पित शुक्ला, जो इस पूरे अभियान की व्यक्तिगत रूप से निगरानी कर रहे थे, ने बताया कि पुलिस टीमों ने राज्यभर में कुल 494 ड्रग हॉटस्पॉट्स पर छापेमारी की। इस दौरान 153 लोगों को गिरफ्तार किया गया और नशा तस्करी से जुड़े 132 मामले दर्ज किए गए।
हजारों पुलिसकर्मियों की तैनाती
इस बड़े अभियान को सफल बनाने के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। 162 गजटेड अधिकारियों की निगरानी में 700 से अधिक पुलिस टीमों का गठन किया गया। इन टीमों में 5000 से ज्यादा पुलिसकर्मी शामिल थे, जिन्होंने अलग-अलग इलाकों में एक साथ कार्रवाई को अंजाम दिया।
भारी मात्रा में नशा और नकदी बरामद
पुलिस ने गिरफ्तार किए गए नशा तस्करों के पास से भारी मात्रा में नशीला पदार्थ बरामद किया है। इनमें करीब 1.5 किलो हेरोइन, 1 किलो अफीम, 500 ग्राम गांजा, 5 किलो भुक्की, 1310 नशीली गोलियां और कैप्सूल शामिल हैं। इसके अलावा लगभग 32 हजार रुपये की ड्रग मनी भी जब्त की गई है।
बस अड्डों और रेलवे स्टेशनों की भी जांच
अभियान के दौरान पुलिस ने केवल हॉटस्पॉट्स तक ही कार्रवाई सीमित नहीं रखी। राज्यभर में 173 बस अड्डों और 120 रेलवे स्टेशनों की भी गहन जांच की गई, ताकि नशे की तस्करी के नेटवर्क को हर स्तर पर तोड़ा जा सके।
नशे के खिलाफ अभियान रहेगा जारी
पंजाब पुलिस ने साफ किया है कि नशे के खिलाफ यह लड़ाई लगातार जारी रहेगी। आने वाले दिनों में भी ऐसे ही सख्त अभियान चलाए जाएंगे। सरकार और पुलिस का मकसद है कि पंजाब को पूरी तरह नशामुक्त बनाकर युवाओं को सुरक्षित भविष्य दिया जा सके।
