पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पटियाला स्थित पंजाब एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस इंजीनियरिंग कॉलेज के एविएशन क्लब का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने ट्रेनी पायलटों और एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस इंजीनियर (AME) छात्रों से मुलाकात की और उनसे बातचीत कर उनके अनुभव जाने। मुख्यमंत्री ने कहा कि यहां पंजाब के छोटे-छोटे गांवों और शहरों के बेटे-बेटियां एविएशन की ट्रेनिंग ले रहे हैं, जो राज्य के लिए गर्व की बात है।
आम परिवारों के बच्चों को मिल रहा बड़ा मौका
सीएम मान ने कहा कि पहले फ्लाइंग क्लबों की पढ़ाई केवल अमीर वर्ग तक सीमित थी, क्योंकि निजी संस्थानों में फीस बहुत ज्यादा होती थी। लेकिन पंजाब ऐसा पहला राज्य बन गया है, जहां कम फीस में आम घरों के बच्चे भी पायलट और एएमई बनने का सपना पूरा कर पा रहे हैं। सरकार का मकसद है कि किसी भी बच्चे का सपना सिर्फ पैसों की वजह से अधूरा न रहे।
माता-पिता की मेहनत का रखें सम्मान
मुख्यमंत्री ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि उनके सपनों को पूरा करने में माता-पिता की भूमिका सबसे अहम होती है। वे अपने बच्चों के भविष्य के लिए अपनी जरूरतों से समझौता करते हैं और दिन-रात मेहनत करते हैं। जब आप आसमान में उड़ान भरेंगे, तो सबसे ज्यादा खुशी आपके माता-पिता को ही होगी। इसलिए मेहनत, अनुशासन और ईमानदारी से आगे बढ़ें।
निजी कंपनी का ऑफर ठुकराया
सीएम मान ने बताया कि हाल ही में हैदराबाद की एक निजी कंपनी फ्लाइंग क्लब खोलने का प्रस्ताव लेकर आई थी, लेकिन सरकार ने उसे साफ मना कर दिया। उनका कहना था कि सरकार निजीकरण की बजाय सरकारी संस्थानों को मजबूत बनाकर आम लोगों को बेहतर सुविधाएं देना चाहती है। सरकारी फ्लाइंग क्लबों में उच्च गुणवत्ता की ट्रेनिंग देकर युवाओं को आगे बढ़ने का अवसर दिया जा रहा है।
रोजगार से जोड़ने पर सरकार का फोकस
मुख्यमंत्री ने दोहराया कि राज्य सरकार युवाओं को ज्यादा से ज्यादा रोजगार से जोड़ने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। एविएशन जैसे आधुनिक क्षेत्रों में प्रशिक्षण देकर युवाओं के लिए नए अवसर खोले जा रहे हैं।
दूसरों तक भी पहुंचाएं यह जानकारी
सीएम मान ने ट्रेनी पायलटों और एएमई इंजीनियरों से अपील की कि वे इस कोर्स के बारे में दूसरों को भी जानकारी दें। इसे अपना कर्तव्य समझें और अधिक से अधिक युवाओं को इस अवसर से जोड़ें, ताकि वे भी राज्य की तरक्की का हिस्सा बन सकें।
