आज दिल्ली में वायु गुणवत्ता एक बार फिर चिंता का विषय बनी हुई है। राजधानी की हवा पूबहुत खराब से गंभीर श्रेणी में दर्ज की गई। सुबह से ही आसमान में धुंध और स्मॉग की मोटी परत दिखाई दी, जिससे दिल्ली की सड़कों, इमारतों और खुले इलाकों पर धुंध का असर साफ नजर आया। दूर तक देखने में परेशानी हुई और वातावरण भारी-सा महसूस किया गया।
केंद्रीय प्रदूषण निगरानी एजेंसियों के आंकड़ों के अनुसार, आज दिल्ली के कई इलाकों में AQI 350 से ऊपर दर्ज किया गया, जबकि कुछ क्षेत्रों में यह 400 के करीब या उससे अधिक पहुंच गया। इस स्तर को हवा की गुणवत्ता के लिहाज से बेहद खराब माना जाता है। खासतौर पर बाहरी और औद्योगिक इलाकों में प्रदूषण का स्तर ज्यादा देखा गया।
सुबह के समय हवाएं न चल पाने और वातावरण में नमी अधिक होने के कारण स्मॉग नीचे ही जमा रहा। इसी वजह से दिन चढ़ने के बावजूद हवा साफ नहीं हो पाई। दोपहर में हल्की धूप जरूर निकलएगी, लेकिन उससे प्रदूषण में कोई खास कमी देखने को नहीं मिलेगी। शाम होते-होते फिर से धुंध और गहरी हो जाएगी।
दिल्ली की सड़कों पर चलने वाले वाहन भी प्रदूषण की इस स्थिति को और साफ दिखा रहे थे। ट्रैफिक के दौरान निकलने वाला धुआं, निर्माण कार्यों से उठने वाली धूल और आसपास के इलाकों से आने वाला प्रदूषित धुआं मिलकर हवा की स्थिति को और बिगाड़ रहे हैं। सर्दियों के मौसम में हवा की गति धीमी होने के कारण यह प्रदूषण लंबे समय तक वातावरण में बना रहता है।
आज स्मॉग की वजह से दृश्यता भी प्रभावित रही। कई इलाकों में सुबह के समय दूर की चीजें साफ दिखाई नहीं दे रही थीं। इसका असर सड़क यातायात और सामान्य आवाजाही पर भी देखने को मिला। ऑफिस जाने वाले लोग और सुबह की सैर पर निकलने वाले नागरिकों ने हवा की खराब स्थिति को महसूस किया।
विशेषज्ञों के अनुसार, सर्दी के मौसम में तापमान कम होने और हवा स्थिर रहने की वजह से प्रदूषक तत्व ऊपर नहीं उठ पाते और नीचे ही फंसे रहते हैं। यही कारण है कि दिसंबर और जनवरी के महीनों में दिल्ली में प्रदूषण अक्सर गंभीर स्तर पर पहुंच जाता है।
आज का दिन दिल्लीवासियों के लिए भारी और बोझिल माहौल लेकर आया। आसमान में नीलेपन की जगह धुंधली ग्रे परत छाई रही। कुल मिलाकर, आज राजधानी दिल्ली में हवा की गुणवत्ता बेहद खराब रही और AQI लगातार ऊंचे स्तर पर बना रहा। आने वाले दिनों में मौसम की स्थिति पर ही निर्भर करेगा कि हवा में सुधार कब देखने को मिलेगा।
