आम आदमी पार्टी पंजाब के मुख्य प्रवक्ता और अजनाला से विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल ने मुख्यमंत्री भगवंत मान द्वारा अमृतसर, श्री आनंदपुर साहिब और तलवंडी साबो को “पवित्र शहर” का दर्जा देने के फैसले का खुलकर स्वागत किया है। उन्होंने इसे ऐतिहासिक कदम बताते हुए कहा कि यह फैसला लंबे समय से चली आ रही संगत की मांग को पूरा करता है।
पहले जो नहीं हुआ, वह अब हुआ
कुलदीप सिंह धालीवाल ने कहा कि पंथ के नाम पर राजनीति करने वालों ने वर्षों तक सत्ता में रहते हुए भी यह काम नहीं किया, लेकिन मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अपने कार्यकाल में यह करके दिखाया। उन्होंने कहा कि यह फैसला केवल एक प्रशासनिक घोषणा नहीं, बल्कि सिख आस्था और विरासत के प्रति सच्चे सम्मान का प्रतीक है।
विपक्ष पर तीखा हमला
धालीवाल ने विपक्षी दलों, खासकर शिरोमणि अकाली दल पर तीखा निशाना साधते हुए कहा कि पंजाब में कई ऐसे मुख्यमंत्री आए जिन्होंने खुद को पंथक कहलाया, लेकिन उन्होंने कभी इन पवित्र शहरों को आधिकारिक दर्जा देने की पहल नहीं की। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व शासक केवल अपने लिए सम्मान और उपाधियां ढूंढते रहे, जबकि गुरु साहिबानों से जुड़े इन ऐतिहासिक शहरों की अनदेखी होती रही।
सच्ची नीयत से लिया गया फैसला
आप विधायक ने कहा कि पहली बार किसी सरकार ने ईमानदार नीयत से काम करते हुए अमृतसर, श्री आनंदपुर साहिब और तलवंडी साबो को वह मान-सम्मान दिया है, जिसके वे वास्तविक रूप से हकदार हैं। यह फैसला न केवल धार्मिक दृष्टि से अहम है, बल्कि इन शहरों के विकास और पहचान को भी नई दिशा देगा।
संगत की भावना का सम्मान
धालीवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान ने संगत की भावनाओं को समझते हुए यह साहसिक और ऐतिहासिक निर्णय लिया है। उन्होंने भरोसा जताया कि इस फैसले से न सिर्फ पंजाब, बल्कि दुनिया भर में बसे सिख समुदाय में सकारात्मक संदेश जाएगा और राज्य की सांस्कृतिक पहचान और मजबूत होगी।
