पंजाब सरकार राज्य को वैश्विक सीड कैपिटल के रूप में स्थापित करने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रही है। इसके लिए अति-आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने हेतु इज़राइल के साथ रणनीतिक साझेदारी पर विचार किया जा रहा है। इसी कड़ी में आज पंजाब भवन में पंजाब के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां और इज़राइल दूतावास के डिप्टी मिशन हेड फारेस साएब के बीच एक उच्च-स्तरीय बैठक आयोजित हुई।
इस बैठक में दोनों पक्षों ने कृषि क्षेत्र में सहयोग को नई ऊंचाइयों तक ले जाने पर विस्तार से चर्चा की। कृषि मंत्री ने बताया कि प्रस्तावित साझेदारी चार मुख्य क्षेत्रों पर केंद्रित होगी। इनमें पंजाब से इज़राइल को अनाज बीजों का निर्यात, पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (पीएयू), लुधियाना और इज़राइली संस्थानों के बीच अकादमिक आदान-प्रदान, सिट्रस फलों से जुड़े सहयोग तथा उन्नत जल-प्रबंधन तकनीकों को अपनाना शामिल है।
बैठक के दौरान इज़राइल की अत्यंत प्रभावी ‘एन-ड्रिप’ सिंचाई प्रणाली पर विशेष जोर दिया गया। यह तकनीक 70 प्रतिशत तक पानी की बचत करने में सक्षम है और ऊर्जा की खपत को भी काफी कम करती है। पंजाब जैसे कृषि प्रधान राज्य के लिए यह तकनीक बेहद उपयोगी मानी जा रही है, जहां जल संरक्षण एक बड़ी चुनौती बनता जा रहा है।
इसके साथ ही इज़राइल के उस मॉडल पर भी चर्चा हुई, जिसके तहत वहां 95 प्रतिशत तक संशोधित गंदे पानी को दोबारा कृषि कार्यों में इस्तेमाल किया जाता है। पंजाब सरकार इज़राइल की इस विशेषज्ञता को अपनाकर सीवरेज और गांवों के तालाबों के पानी को शुद्ध कर सिंचाई के लिए उपयोग करने की संभावनाएं तलाश रही है। इससे न केवल पानी के संसाधनों की रक्षा होगी, बल्कि किसानों को स्थायी समाधान भी मिलेगा।
कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां ने कहा कि यह रणनीतिक साझेदारी पंजाब के किसान समुदाय के लिए दूरदर्शी और लाभकारी साबित होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार का उद्देश्य इज़राइल की आधुनिक तकनीक और विशेषज्ञता को पंजाब की कृषि क्षमता के साथ जोड़ना है, ताकि पानी के स्रोत सुरक्षित रहें, किसानों की आय बढ़े और पंजाब को वैश्विक स्तर पर बीज उत्पादन एवं टिकाऊ कृषि प्रथाओं में अग्रणी बनाया जा सके।
इज़राइल दूतावास के प्रतिनिधि फारेस साएब ने कृषि अनुसंधान, विकास और संशोधित पानी की पुनर्वापसी के क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत करने की इच्छा जताई। उन्होंने पंजाब से अनाज बीजों के आयात में गहरी रुचि दिखाई और पंजाब के एक उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल को इज़राइल दौरे का निमंत्रण भी दिया। साथ ही उन्होंने जानकारी दी कि दिल्ली से इज़राइल के लिए सीधी हवाई उड़ान जनवरी 2026 से शुरू होने जा रही है, जिससे यात्रा का समय लगभग छह घंटे रह जाएगा।
इस महत्वपूर्ण बैठक में कृषि विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, जिनमें सचिव कृषि एवं किसान कल्याण अर्शदीप सिंह थिंद, एमडी पंजाब एग्रो हरगुंजीत कौर, विशेष सचिव कृषि बलदीप कौर, निदेशक कृषि जसवंत सिंह सहित अन्य अधिकारी शामिल थे।
