बुधवार को घरेलू शेयर बाजार में निवेशकों को खास उत्साह देखने को नहीं मिला। पूरे दिन सीमित दायरे में कारोबार करने के बाद बाजार आखिरकार हल्की गिरावट के साथ बंद हुआ। आईटी और फार्मा सेक्टर में बिकवाली के दबाव ने बाजार की चाल को कमजोर बनाए रखा, जबकि चुनिंदा स्मॉल-कैप शेयरों में खरीदारी नजर आई।
सेंसेक्स और निफ्टी का हाल
बीएसई सेंसेक्स 116.14 अंकों या 0.14 फीसदी की गिरावट के साथ 85,408.70 के स्तर पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान सेंसेक्स के 13 शेयरों में तेजी और 17 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई, जिससे साफ दिखा कि बाजार में खरीद और बिकवाली का संतुलन कमजोर रहा।
वहीं एनएसई निफ्टी 35.05 अंक या 0.13 फीसदी फिसलकर 26,142.10 पर बंद हुआ। दिनभर निफ्टी भी सीमित दायरे में घूमता रहा। आईटी और फार्मा इंडेक्स में कमजोरी का असर निफ्टी पर साफ दिखाई दिया, हालांकि स्मॉल-कैप इंडेक्स ने बेहतर प्रदर्शन करते हुए हरे निशान में बंद होने में कामयाबी हासिल की।
सेक्टरों का प्रदर्शन
बाजार पर दबाव की सबसे बड़ी वजह आईटी और फार्मा शेयरों में मुनाफावसूली रही। निवेशकों ने हाल की तेजी के बाद इन सेक्टरों में सतर्कता दिखाई। दूसरी ओर, कुछ स्मॉल-कैप और चुनिंदा मिड-कैप शेयरों में खरीदारी से बाजार को थोड़ा सहारा मिला, लेकिन यह तेजी बाजार को ऊपर खींचने के लिए काफी नहीं रही।
ग्लोबल बाजारों से मिले संकेत
एशियाई शेयर बाजारों में बुधवार को माहौल सकारात्मक रहा। दक्षिण कोरिया का कोस्पी, जापान का निक्केई 225, चीन का एसएसई कंपोजिट और हांगकांग का हैंग सेंग बढ़त के साथ कारोबार करते दिखे।
अमेरिकी बाजारों की बात करें तो मंगलवार को वहां भी अच्छी मजबूती देखने को मिली। एसएंडपी 500 करीब 0.4 फीसदी की बढ़त के साथ बंद हुआ और अपने हालिया रिकॉर्ड स्तर के आसपास बना रहा। डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज में 0.2 फीसदी और नैस्डैक कंपोजिट में 0.5 फीसदी की तेजी दर्ज की गई।
कच्चा तेल और निवेशकों की गतिविधि
अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतों में मामूली बढ़त रही और यह 0.02 फीसदी चढ़कर 62.39 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।
निवेशकों की गतिविधि पर नजर डालें तो विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) मंगलवार को बिकवाल रहे। उन्होंने करीब 1,794.80 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। इसके उलट घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने बाजार में भरोसा दिखाते हुए 3,812.37 करोड़ रुपये की खरीदारी की।
निवेशकों के लिए संकेत
कुल मिलाकर, बाजार में फिलहाल सतर्कता का माहौल बना हुआ है। ग्लोबल संकेत सकारात्मक हैं, लेकिन घरेलू स्तर पर सेक्टोरल दबाव और मुनाफावसूली के चलते निवेशक फिलहाल इंतजार की रणनीति अपना रहे हैं। आने वाले दिनों में वैश्विक संकेत और कंपनियों से जुड़ी खबरें बाजार की दिशा तय करेंगी।
