पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार ने एक बार फिर यह दिखाया है कि उसके लिए सत्ता के साथ-साथ सेवा और आस्था भी उतनी ही महत्वपूर्ण हैं। सिख इतिहास की पावन धरती श्री फतेहगढ़ साहिब में आम आदमी पार्टी के एक विधायक ने स्थानीय संगत के साथ मिलकर स्वच्छता सेवा में भाग लिया। यह सेवा कार्यक्रम उस स्थान पर किया गया, जहां माता गुजरी जी और छोटे साहिबजादों के महान बलिदान की अमर गाथा जुड़ी हुई है।
विधायक ने झाड़ू और अन्य सफाई उपकरण उठाकर संगत के साथ कंधे से कंधा मिलाकर सेवा की। यह दृश्य न केवल विनम्रता का प्रतीक था, बल्कि इस बात का संदेश भी दे रहा था कि सरकार जनता से दूर नहीं, बल्कि उनके बीच रहकर काम करना चाहती है। स्थानीय लोगों ने इसे एक सकारात्मक पहल बताते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से आम जनता और जनप्रतिनिधियों के बीच भरोसा मजबूत होता है।
हाल ही में पंजाब सरकार ने श्री अमृतसर साहिब, श्री आनंदपुर साहिब और श्री फतेहगढ़ साहिब को “होली सिटी” घोषित करने का ऐतिहासिक फैसला लिया है। इस फैसले का उद्देश्य सिख धर्म के प्रमुख तीर्थ स्थलों को विशेष पहचान देना और उनके विकास को नई दिशा देना है। होली सिटी का दर्जा मिलने से इन शहरों में स्वच्छता, बुनियादी ढांचे और धार्मिक पर्यटन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार ने इन पवित्र नगरों के लिए अलग-अलग विकास योजनाएं तैयार की हैं। इनमें सड़कों और परिवहन व्यवस्था में सुधार, तीर्थयात्रियों के लिए बेहतर सुविधाएं, साफ-सफाई की आधुनिक व्यवस्था और धार्मिक स्थलों की सुरक्षा व रखरखाव शामिल है। सरकार का मानना है कि इससे न केवल श्रद्धालुओं को सुविधा मिलेगी, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और व्यापार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
आम आदमी पार्टी के विधायक द्वारा की गई यह सेवा केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं थी, बल्कि यह सरकार की सोच और नीयत को दर्शाती है। पिछले कुछ वर्षों में पंजाब सरकार ने धार्मिक स्थलों के संरक्षण, यात्रियों की सुविधाओं में सुधार और पवित्र स्थानों की स्वच्छता के लिए कई कदम उठाए हैं। फतेहगढ़ साहिब में हुई इस सेवा से स्थानीय संगत भी प्रेरित हुई और बड़ी संख्या में लोगों ने इसमें हिस्सा लिया।
धार्मिक और सामाजिक संगठनों ने भी इस पहल की सराहना की है। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी से जुड़े कई लोगों का मानना है कि होली सिटी का दर्जा मिलने से सिख धर्म के पवित्र स्थलों को देश-विदेश में नई पहचान मिलेगी। स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि धार्मिक पर्यटन बढ़ने से क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
यह पहल पंजाब को न सिर्फ आध्यात्मिक रूप से समृद्ध बनाने की दिशा में है, बल्कि सामाजिक और आर्थिक विकास का रास्ता भी खोलती है।
