पंजाब के अमृतसर से साइबर ठगी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने आम लोगों के साथ-साथ सिस्टम की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। इस बार साइबर ठगों ने किसी आम नागरिक को नहीं, बल्कि पंजाब सरकार के पूर्व सचिव और फिरोजपुर व फरीदकोट के पूर्व डिप्टी कमिश्नर रहे वरिष्ठ आईएएस अधिकारी हरजिंदर सिंह चाहल को अपना शिकार बनाया। ठगों ने डर और धमकी का माहौल बनाकर उनसे करीब 76 लाख रुपये की ऑनलाइन ठगी कर ली।
फर्जी इंस्पेक्टर बनकर आया कॉल
हरजिंदर सिंह चाहल के मुताबिक, 5 सितंबर 2024 को उन्हें व्हाट्सएप पर एक कॉल आया। कॉल करने वाले व्यक्ति ने खुद को अजीत कुमार बंसल बताते हुए मुंबई साइबर क्राइम सेल का इंस्पेक्टर बताया। उसने दावा किया कि उनके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा मामला दर्ज है और मुंबई हाईकोर्ट से समन जारी हो चुके हैं।
गिरफ्तारी का डर दिखाकर निकाले लाखों रुपये
ठग ने कहा कि अगर उन्होंने जांच में सहयोग नहीं किया तो उन्हें तुरंत गिरफ्तार किया जा सकता है। इस बात से घबराकर हरजिंदर सिंह चाहल ने उसकी बातों पर भरोसा कर लिया। ठग के कहने पर उन्होंने अलग-अलग बैंक खातों में RTGS के जरिए बड़ी रकम ट्रांसफर कर दी। ठग ने भरोसा दिलाया कि जांच पूरी होते ही पूरी राशि उन्हें वापस कर दी जाएगी।
अगले दिन खुली ठगी की पोल
अगले ही दिन जब हरजिंदर सिंह चाहल ने अपनी रकम वापस मांगी तो कॉल करने वाले का मोबाइल बंद मिला। इसके बाद उन्हें एहसास हुआ कि वे एक बड़े साइबर फ्रॉड का शिकार हो चुके हैं।
शिकायत के बाद शुरू हुई जांच
पूर्व आईएएस अधिकारी ने सबसे पहले अमृतसर पुलिस कमिश्नर को मामले की जानकारी दी, लेकिन शुरुआत में इसे गंभीरता से नहीं लिया गया। इसके बाद उन्होंने चंडीगढ़ में एडीजीपी विजिलेंस से संपर्क किया। जांच आगे बढ़ी तो असम से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, हालांकि अब तक पूरी रकम बरामद नहीं हो पाई है।
सिस्टम और आम जनता की सुरक्षा पर सवाल
हरजिंदर सिंह चाहल ने कहा कि जब एक पूर्व आईएएस अधिकारी के साथ इस तरह की ठगी हो सकती है, तो आम नागरिक कितने सुरक्षित हैं, यह एक गंभीर सवाल है। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी अनजान कॉल, धमकी या सरकारी कार्रवाई के नाम पर मांगी गई रकम पर भरोसा न करें और तुरंत पुलिस से संपर्क करें।
