पंजाब में मुख्यमंत्री भगवंत मान की अगुवाई वाली सरकार के कार्यकाल में जीएसटी (GST) कलेक्शन ने नया मुकाम हासिल किया है। राज्य का जीएसटी प्रदर्शन अब राष्ट्रीय औसत से बेहतर हो गया है, जो साफ-सुथरी गवर्नेंस और मजबूत टैक्स सिस्टम का संकेत देता है। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि पंजाब का अनुभव बताता है कि अगर सिस्टम पारदर्शी हो और कानून का सही तरीके से पालन कराया जाए, तो ईमानदार टैक्सपेयर्स पर अतिरिक्त बोझ डाले बिना भी राजस्व बढ़ाया जा सकता है।
पैराग्राफ शीर्षक: आंकड़ों में दिखी पंजाब की तरक्की
वर्ष 2022 से अब तक पंजाब सरकार के कार्यकाल में राज्य का कुल जीएसटी कलेक्शन 1.16 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो चुका है। खास बात यह है कि पंजाब की सालाना जीएसटी ग्रोथ लगातार 11 प्रतिशत से ज्यादा रही है, जबकि देश का औसत करीब 7 प्रतिशत के आसपास है। यह अंतर साफ तौर पर दिखाता है कि पंजाब का टैक्स सिस्टम अब ज्यादा प्रभावी और भरोसेमंद हो रहा है।
पैराग्राफ शीर्षक: टेक्नोलॉजी और ईमानदारी का मेल
वित्त मंत्री ने बताया कि इस बेहतर प्रदर्शन के पीछे टेक्नोलॉजी आधारित एनफोर्समेंट, भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कदम और संरचनात्मक टैक्स सुधार बड़ी वजह हैं। सरकार ने एक समर्पित जीएसटी इंटेलिजेंस यूनिट बनाई है, जो टैक्स चोरी पर नजर रखती है और डेटा के आधार पर कार्रवाई करती है। इसके अलावा, टैक्स प्रशासन को और मजबूत करने के लिए आईआईटी-हैदराबाद के साथ सहयोग भी किया गया है।
भरोसे पर आधारित सिस्टम
सरकार का फोकस टैक्सपेयर्स को सिस्टम के जरिए कंप्लायंस बढ़ाने पर है। हरपाल चीमा ने कहा कि जब कारोबारी और टैक्स देने वाले लोग सिस्टम पर भरोसा करते हैं, तो वे खुद आगे आकर नियमों का पालन करते हैं। यही वजह है कि पंजाब में जीएसटी कलेक्शन लगातार बढ़ रहा है और राज्य की आर्थिक स्थिति को मजबूती मिल रही है।
कुल मिलाकर, मान सरकार के कार्यकाल में पंजाब का जीएसटी मॉडल अब दूसरे राज्यों के लिए भी एक उदाहरण बनता जा रहा है।
