पंजाब के उद्योग, वाणिज्य और निवेश प्रोत्साहन मंत्री संजीव अरोड़ा ने आज एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्पष्ट किया कि राज्य सरकार माइक्रो, स्मॉल और मीडियम एंटरप्राइजेज (MSME) सेक्टर को मजबूत बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार का लक्ष्य MSMEs के लिए ऐसा माहौल तैयार करना है, जो सपोर्टिव, पारदर्शी और उद्योग के अनुकूल हो। इसके लिए मजबूत नीतियां, आसान नियम और समयबद्ध प्रक्रियाएं लागू की जा रही हैं।
नियमों की उलझन से राहत, ग्रोथ पर जोर
कैबिनेट मंत्री ने बताया कि इन्वेस्ट पंजाब के माध्यम से उद्योगों को तेजी से मंजूरी दी जा रही है, ताकि प्रोजेक्ट्स बिना देरी के जमीन पर उतर सकें। सरकार चाहती है कि उद्यमी कागजी प्रक्रियाओं में उलझने के बजाय अपनी ऊर्जा उत्पादन, विस्तार और रोजगार सृजन में लगाएं। उन्होंने कहा कि MSMEs पंजाब की औद्योगिक अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और रोजगार, इनोवेशन व क्षेत्रीय संतुलित विकास में इनकी भूमिका बेहद अहम है।
उद्योगों से लगातार संवाद
संजीव अरोड़ा ने कहा कि सरकार इंडस्ट्री पार्टनर्स के साथ लगातार संपर्क में है और उनकी जरूरतों व चुनौतियों को गंभीरता से समझ रही है। उद्योग-अनुकूल सुधारों और समय पर सुविधा प्रदान कर सरकार MSME सेक्टर को आगे बढ़ाने के लिए उनके साथ मिलकर काम कर रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि पंजाब को निवेश और उद्यमिता के लिए पसंदीदा राज्य बनाए रखने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।
400 करोड़ से ज्यादा के निवेश प्रस्ताव
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कई कंपनियों के प्रतिनिधियों ने राज्य सरकार के साथ अपने सकारात्मक अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि पंजाब में निवेश के लिए उन्हें अनुकूल माहौल और पूरा सहयोग मिल रहा है। ऑटो कंपोनेंट्स, लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग, कोल्ड चेन, एग्री-इंफ्रास्ट्रक्चर और रिन्यूएबल एनर्जी जैसे क्षेत्रों में 400 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव सामने आए हैं।
कंपनीवार निवेश की झलक
जय पार्वती फोर्ज (ऑटो कंपोनेंट्स), SAS नगर – 300 करोड़ रुपये
कोवा फास्टनर्स प्राइवेट लिमिटेड, लुधियाना – 50 करोड़ रुपये
मोहाली लॉजिस्टिक्स, SAS नगर – 10 करोड़ रुपये
रोशनी रिन्यूएबल्स LLP, फतेहगढ़ साहिब – फेज-I में 100 करोड़ और आगे 300 करोड़ रुपये
