ऑस्ट्रेलिया की धरती पर 15 साल के लंबे इंतज़ार के बाद इंग्लैंड ने आखिरकार टेस्ट क्रिकेट में जीत का स्वाद चख लिया। एशेज 2025–26 के चौथे टेस्ट में इंग्लैंड ने ऑस्ट्रेलिया को 4 विकेट से हराकर इतिहास रच दिया। यह मुकाबला मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड (MCG) में खेला गया, जहां इंग्लैंड ने 175 रनों के चुनौतीपूर्ण लक्ष्य को सफलतापूर्वक हासिल किया।
175 रन का पीछा, बाज़बॉल का असर
चौथी पारी में इंग्लैंड की शुरुआत आक्रामक रही। ओपनर बेन डकेट और ज़ैक क्रॉली ने तेज़ रन बनाते हुए सिर्फ 42 गेंदों में 51 रन जोड़ दिए। इस तेज़ शुरुआत ने लक्ष्य का दबाव काफी हद तक कम कर दिया। इंग्लैंड ने अपनी चर्चित “बाज़बॉल” रणनीति का बेहतरीन उदाहरण पेश किया और ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज़ों को शुरू से ही बैकफुट पर रखा।
नाजुक पल, लेकिन जीत पक्की
हालांकि दूसरे दिन मैच पूरी तरह इंग्लैंड के पक्ष में आसान नहीं रहा। जो रूट और कप्तान बेन स्टोक्स के जल्दी आउट होने से एक समय ड्रेसिंग रूम में हल्की बेचैनी दिखी। टीम जीत से सिर्फ 10 रन दूर थी, लेकिन विकेट गिरने से तनाव बढ़ गया। ऐसे समय में हैरी ब्रूक ने संयम दिखाया और नाबाद रहकर टीम को जीत की दहलीज़ पार कराई।
15 साल का सूखा खत्म
यह जीत इंग्लैंड के लिए कई मायनों में खास रही। 7 जनवरी 2011 के बाद यह ऑस्ट्रेलिया में इंग्लैंड की पहली टेस्ट जीत है। इसके साथ ही ऑस्ट्रेलिया में चौथी पारी में रन चेज़ करने का कारनामा इंग्लैंड ने 1962 के बाद पहली बार किया। कुल मिलाकर 18 टेस्ट मैचों के बाद इंग्लैंड को यहां जीत नसीब हुई।
पिच को लेकर उठे सवाल
मैच सिर्फ दो दिन में खत्म होने के कारण पिच की भूमिका पर भी सवाल उठने लगे हैं। पहले दिन ही 20 विकेट गिर गए थे, जबकि दूसरे दिन भी विकेटों का सिलसिला जारी रहा। इस पूरी सीरीज़ में अब तक कम ही दिन पूरे खेले जा सके हैं, जिससे पिच की गुणवत्ता पर बहस तेज़ हो गई है।
अब सिडनी पर निगाहें
इस जीत के साथ इंग्लैंड ने सीरीज़ में हार का अंतर कम किया है। अब आखिरी टेस्ट सिडनी में खेला जाएगा, जहां इंग्लैंड जीत के साथ सम्मानजनक विदाई चाहता है, जबकि ऑस्ट्रेलिया सीरीज़ को मज़बूती से अपने नाम करने की कोशिश करेगा।
