पंजाब विधानसभा में चार साहिबजादों की शहादत को याद करते हुए भावुक माहौल देखने को मिला। इस अवसर पर मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि चार साहिबजादों का बलिदान इतना महान और बेमिसाल है कि इसकी कोई तुलना नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि जब हम इस बलिदान को याद करते हैं, तो यह समझने की कोशिश करनी चाहिए कि उस दौर में साहिबजादों और उनके परिवार ने कैसी पीड़ा झेली होगी।
ठंड और यातना की कल्पना भी रुला देती है
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज जब हम श्रद्धांजलि देने जाते हैं तो मोटे कपड़े पहनते हैं, कंबल ओढ़ते हैं और ठंड से बचने की पूरी कोशिश करते हैं। लेकिन जब छोटे साहिबजादों को ठंडे बुर्ज में कैद किया गया था, तब हालात बेहद भयावह थे। उन्होंने कहा कि उस समय की कड़ाके की ठंड को महसूस करने की कोशिश करें, तभी उस शहादत की गहराई समझ में आएगी।
उसूलों पर चलने की कीमत
भगवंत मान ने कहा कि हमें जो सरदारी और पहचान मिली है, वह बहुत भारी कीमत पर मिली है। इसलिए हमें अपने उसूलों और सिद्धांतों पर अडिग रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि नियमों पर चलने से रास्ते आसान होते हैं, लेकिन उसूलों पर चलने से कठिनाइयां बढ़ जाती हैं। गुरु साहिब और उनके पूरे परिवार ने उसूलों का रास्ता चुना और उसी पर अडिग रहे।
सिख इतिहास कुर्बानियों से भरा
मुख्यमंत्री ने कहा कि सिख इतिहास बलिदानों से भरा हुआ है और चार साहिबजादों की शहादत उसका सबसे उज्ज्वल उदाहरण है। उन्होंने कहा कि साहिबजादों ने शहादत देकर ज़ुल्म और अन्याय के खिलाफ मानवता की मशाल जलाई, जिसे संभाल कर रखना आज हमारी जिम्मेदारी है।
शहीदी सभा के बेहतर इंतज़ाम
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बताया कि इस वर्ष शहीदी सभा के आयोजन के लिए सरकार की ओर से बेहतर इंतज़ाम किए गए हैं। हर साल लाखों श्रद्धालु इस ऐतिहासिक आयोजन में शामिल होते हैं और सरकार की कोशिश रहती है कि उन्हें allowing किसी तरह की परेशानी न हो। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता है।
अगली पीढ़ियों तक इतिहास पहुंचाना ज़रूरी
मुख्यमंत्री ने कहा कि साहिबजादों ने अपनी शहादत से उस दौर की अंधेरी रात को रोशन किया था। अब यह हमारी जिम्मेदारी है कि इस इतिहास को कितने समय तक और कैसे संभाल कर रखते हैं। इसे आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना हम सभी का फर्ज़ है, ताकि वे अपने इतिहास और मूल्यों से जुड़े रहें।
वीरों को नमन
अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि इस महान शहादत में योगदान देने वाले सभी वीर योद्धाओं को वह नमन करते हैं। उन्होंने कहा कि चार साहिबजादों का बलिदान हमें सच्चाई, साहस और इंसानियत के रास्ते पर चलने की प्रेरणा देता रहेगा।
