मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार ने प्रशासनिक व्यवस्था को पूरी तरह डिजिटल और नागरिक-केंद्रित बनाकर एक नई मिसाल कायम की है। आज पंजाब देश के उन अग्रणी राज्यों में शामिल हो चुका है, जहां सरकारी सेवाएं दफ्तरों तक सीमित नहीं, बल्कि सीधे लोगों के घरों तक पहुंच रही हैं। इस बदलाव से न केवल आम नागरिक को राहत मिली है, बल्कि वर्षों से चली आ रही सिफारिश, देरी और भ्रष्टाचार की संस्कृति पर भी गहरी चोट पड़ी है।
सरकार अब लोगों की चौखट पर
कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने बताया कि राज्य सरकार की दूरदर्शी नीतियों के कारण अब आम नागरिक को छोटे-बड़े कामों के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ते। जन्म प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र से लेकर कई अहम सेवाएं अब घर बैठे मिल रही हैं। इससे समय, पैसा और मेहनत—तीनों की बचत हो रही है।
‘तुहाडे द्वार’ योजना बनी डिजिटल क्रांति की रीढ़
‘भगवंत मान सरकार तुहाडे द्वार’ योजना इस पूरे बदलाव की सबसे मजबूत कड़ी बनकर सामने आई है। इस योजना के तहत अब तक लाखों लोगों को उनके घर पर ही सैकड़ों तरह की सरकारी सेवाएं उपलब्ध कराई जा चुकी हैं। खासतौर पर बुजुर्गों, दिव्यांगों और ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए यह योजना किसी वरदान से कम नहीं है। अब उन्हें न तो लंबी लाइनों में लगना पड़ता है और न ही किसी सिफारिश की जरूरत होती है।
राजस्व विभाग में दिखी असली प्रशासनिक दक्षता
डिजिटल सुधारों का सबसे बड़ा असर राजस्व विभाग में देखने को मिला है। पटवारियों द्वारा लाखों आवेदनों का ऑनलाइन निपटारा किया जा चुका है। जमीन-जायदाद से जुड़े वे काम, जो कभी देरी और भ्रष्टाचार का बड़ा कारण माने जाते थे, अब कुछ क्लिक में पूरे हो रहे हैं। पूरी प्रक्रिया पेपरलेस हो चुकी है और क्यूआर-कोड वाले डिजिटल सर्टिफिकेट से दस्तावेजों की सुरक्षा और विश्वसनीयता भी बढ़ी है।
रियल-टाइम निगरानी से घटा लंबित काम
सरकार की इस सफलता के पीछे डिजिटल डैशबोर्ड के जरिए की जा रही रियल-टाइम निगरानी अहम भूमिका निभा रही है। इस प्रणाली से हर विभाग के काम पर सीधी नजर रखी जा रही है, जिससे लंबित मामलों की संख्या ऐतिहासिक रूप से बहुत कम हो गई है। अधिकारियों की जवाबदेही तय होने से काम तय समय सीमा में पूरे हो रहे हैं।
राजनीतिक इच्छाशक्ति और तकनीक का मेल
मंत्री अमन अरोड़ा ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान का साफ संदेश है—जनता का काम बिना रुकावट और बिना भटकाव के होना चाहिए। पंजाब ने यह साबित कर दिया है कि जब मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति और आधुनिक तकनीक साथ आती हैं, तो शासन व्यवस्था पारदर्शी, जवाबदेह और भ्रष्टाचार-मुक्त बन सकती है। आज पंजाब का प्रशासन आम आदमी के हित में काम करने वाला एक भरोसेमंद सिस्टम बनकर उभर रहा है।
