पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने आज चंडीगढ़ में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान शिक्षा विभाग में चयनित 606 उम्मीदवारों को नियुक्ति पत्र सौंपे। यह कार्यक्रम पंजाब सरकार के मिशन रोजगार 2026 का पहला आधिकारिक कार्यक्रम रहा। इस मौके पर बड़ी संख्या में युवा और उनके परिवार मौजूद रहे, जिनके चेहरों पर खुशी साफ दिखाई दी।
अब तक 61 हजार से ज्यादा नौकरियां
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अपने संबोधन में बताया कि अब तक उनकी सरकार पंजाब में 61,281 सरकारी नौकरियां दे चुकी है। उन्होंने कहा कि युवाओं को रोजगार देना उनकी सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है और आने वाले समय में भी यह अभियान लगातार जारी रहेगा।
“पूरा पंजाब मेरा परिवार है”
मुख्यमंत्री ने भावुक अंदाज में कहा कि उनके लिए पूरा पंजाब एक परिवार की तरह है। उन्होंने कहा, “आज जिन युवाओं को नियुक्ति पत्र मिले हैं, वे जो खुशी महसूस कर रहे हैं, वही खुशी मुझे भी हो रही है। ऐसा लग रहा है जैसे मेरे अपने परिवार में किसी को नौकरी मिली हो।” उनके इस बयान पर कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने जोरदार तालियां बजाईं।
शिक्षा को बताया असली दौलत
इस अवसर पर भगवंत मान ने शिक्षा के महत्व पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में अमीर वही नहीं होगा जिसके पास बैंक बैलेंस या महंगी गाड़ियां होंगी, बल्कि असली बड़ा इंसान वह होगा जिसके पास अच्छी और मजबूत शिक्षा होगी। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे शिक्षा को अपनी सबसे बड़ी ताकत बनाएं।
पिछली सरकारों पर निशाना
मुख्यमंत्री ने बिना किसी का नाम लिए पिछली सरकारों पर भी कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि पहले जिन लोगों को सही जगहों पर साइन करने चाहिए थे, उन्होंने अपने भाई-भतीजों की फाइलों पर दस्तखत कर दिए। उस समय पंजाब के युवा नौकरी की चिट्ठियों का इंतजार करते रह गए। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने इस व्यवस्था को बदला है और अब नौकरियां योग्यता के आधार पर दी जा रही हैं।
युवाओं में बढ़ा भरोसा
इस कार्यक्रम के जरिए सरकार ने युवाओं को यह संदेश देने की कोशिश की कि मेहनत और काबिलियत का सम्मान किया जाएगा। नियुक्ति पत्र पाने वाले युवाओं ने भी सरकार के इस कदम को सराहा और इसे अपने जीवन का अहम मोड़ बताया।
मिशन रोजगार 2026 से उम्मीदें
मिशन रोजगार 2026 की शुरुआत के साथ ही पंजाब के युवाओं में नई उम्मीद जगी है। सरकार का कहना है कि आने वाले महीनों में और भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि ज्यादा से ज्यादा युवाओं को रोजगार मिल सके।
