वेनेजुएला में हालात बेहद तनावपूर्ण और असमंजस भरे बने हुए हैं। अमेरिकी सेना द्वारा राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को गिरफ्तार किए जाने के बाद यह साफ नहीं हो पा रहा है कि देश की कमान आखिर किसके हाथ में है। सरकार और सेना की गतिविधियां जारी हैं, लेकिन सत्ता का केंद्र फिलहाल अस्पष्ट है। इसी बीच वेनेजुएला की सुप्रीम कोर्ट और अमेरिका के बयानों ने हालात को और जटिल बना दिया है।
रात के अंधेरे में सैन्य कार्रवाई
शनिवार तड़के अमेरिका ने वेनेजुएला में एक बड़ी सैन्य कार्रवाई को अंजाम दिया। इस ऑपरेशन के दौरान राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को हिरासत में ले लिया गया। अमेरिका का आरोप है कि मादुरो सरकार ड्रग तस्करी और आतंक से जुड़ी गतिविधियों में शामिल रही है। इससे पहले भी अमेरिका कैरेबियन सागर में ड्रग नेटवर्क से जुड़े ठिकानों और वेनेजुएला के एक प्रमुख बंदरगाह पर हमला कर चुका है।
मादुरो ने आरोपों को बताया साजिश
निकोलस मादुरो हमेशा इन आरोपों को खारिज करते आए हैं। उनका कहना रहा है कि अमेरिका “ड्रग्स के खिलाफ जंग” का बहाना बनाकर उन्हें सत्ता से हटाना चाहता है। मादुरो के अनुसार, असली मकसद वेनेजुएला के विशाल तेल भंडार पर कब्जा करना है। बीते वर्षों में भारी विरोध प्रदर्शन, सेना के भीतर असंतोष और कड़ी आर्थिक पाबंदियों के बावजूद मादुरो सत्ता में बने रहे। उनकी अचानक गिरफ्तारी ने देश में डर और भ्रम का माहौल पैदा कर दिया है।
सुप्रीम कोर्ट का फैसला: रोड्रिगेज को अंतरिम जिम्मेदारी
इन हालात के बीच वेनेजुएला की सुप्रीम कोर्ट ने उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज से अंतरिम राष्ट्रपति की जिम्मेदारी संभालने को कहा है। कानून के अनुसार, राष्ट्रपति पद खाली होने की स्थिति में उपराष्ट्रपति को यह जिम्मेदारी दी जा सकती है। डेल्सी रोड्रिगेज 2018 से इस पद पर हैं और सरकार में उनका प्रभाव काफी मजबूत माना जाता है।
अमेरिका का दावा: फिलहाल हम संभालेंगे देश
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बयान दिया है कि जब तक वेनेजुएला में हालात स्थिर नहीं हो जाते, तब तक अमेरिका वहां की जिम्मेदारी संभालेगा। उन्होंने कहा कि बड़ी अमेरिकी तेल कंपनियां देश में निवेश करेंगी, खराब हो चुकी तेल व्यवस्था को सुधारेंगी और वेनेजुएला की आमदनी बढ़ाने में मदद करेंगी।
अमेरिका-रोड्रिगेज बातचीत की खबरें
ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिका एक विशेष “ग्रुप” के जरिए वेनेजुएला का प्रशासन चलाएगा। उनके अनुसार, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो लगातार डेल्सी रोड्रिगेज के संपर्क में हैं। ट्रंप का दावा है कि रोड्रिगेज ने अमेरिका के साथ मिलकर काम करने की इच्छा जताई है। वहीं उन्होंने विपक्षी नेता मारिया कोरिना मचाडो पर तंज कसते हुए कहा कि उनके पास देश चलाने लायक जनसमर्थन नहीं है।
रोड्रिगेज का पलटवार
डेल्सी रोड्रिगेज ने अमेरिकी कार्रवाई को सख्त शब्दों में गलत बताया है। उन्होंने मांग की है कि मादुरो और उनकी पत्नी को तुरंत रिहा किया जाए। उनका साफ कहना है कि “वेनेजुएला के वैध राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ही हैं” और अमेरिका का कदम अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है।
चुनाव पर सस्पेंस बरकरार
वेनेजुएला के संविधान के अनुसार, अगर राष्ट्रपति पद खाली होता है तो एक महीने के भीतर चुनाव कराना जरूरी है। लेकिन मौजूदा हालात को देखते हुए यह साफ नहीं है कि चुनाव होंगे या नहीं। देश इस समय ऐसे मोड़ पर खड़ा है, जहां आने वाले फैसले उसका भविष्य तय करेंगे।
