पंजाब में नशे के खिलाफ चल रहे “युद्ध नशे के विरुद्ध” अभियान के तहत मान सरकार ने फिरोजपुर में बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस और संबंधित विभागों की संयुक्त टीम ने शहर में बिना लाइसेंस चल रहे तीन गोदामों पर एक साथ छापेमारी की। इस कार्रवाई से नशा तस्करों में हड़कंप मच गया है।
₹1.22 करोड़ के नशीले पदार्थ बरामद
छापेमारी के दौरान टीम ने भारी मात्रा में नशीली दवाइयां बरामद कीं। जब्त किए गए स्टॉक की अनुमानित कीमत करीब ₹1.22 करोड़ बताई जा रही है। बरामद सामान में 1 लाख 41 हजार 900 टैबलेट, 3 लाख 64 हजार कैप्सूल और 140 नशा किट शामिल हैं। यह दवाइयां अवैध रूप से स्टोर की गई थीं और इनके जरिए नशे के कारोबार को बढ़ावा दिया जा रहा था।
बिना लाइसेंस चल रहे थे गोदाम
जांच में सामने आया है कि जिन गोदामों पर छापा मारा गया, वे बिना किसी वैध लाइसेंस के चल रहे थे। नियमों की खुलेआम अनदेखी कर नशीली दवाइयों का भंडारण किया जा रहा था। अधिकारियों का कहना है कि इन गोदामों से जुड़े लोगों की भूमिका की भी गहराई से जांच की जा रही है।
दो FIR दर्ज, जांच तेज
इस मामले में दो अलग-अलग FIR दर्ज की गई हैं और पुलिस ने जांच तेज कर दी है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि यह नशीला सामान कहां से आया और किन-किन इलाकों में सप्लाई किया जाना था।
सरकार का सख्त संदेश
मान सरकार ने साफ कर दिया है कि नशे के कारोबार से जुड़े लोगों के लिए पंजाब में कोई जगह नहीं है। नशे के खिलाफ यह जंग आगे भी पूरी सख्ती से जारी रहेगी, ताकि युवा पीढ़ी को इस बुराई से बचाया जा सके।
