पंजाब सरकार में एक बार फिर कैबिनेट स्तर पर विभागों में बदलाव किया गया है। इस बार दो मंत्रियों के विभागों की अदला-बदली की गई है। लोकल बॉडीज (स्थानीय निकाय) विभाग अब संजीव अरोड़ा को सौंपा गया है, जो पहले रवजोत सिंह के पास था। वहीं, संजीव अरोड़ा से एनआरआई अफेयर्स विभाग लेकर अब रवजोत सिंह को दे दिया गया है।
राज्यपाल ने दी मंजूरी
मंत्रियों के विभागों में किए गए इस बदलाव को पंजाब के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया की ओर से मंजूरी दे दी गई है। राज्यपाल की स्वीकृति के बाद यह फेरबदल आधिकारिक रूप से लागू हो गया है। इसके साथ ही यह बदलाव पंजाब कैबिनेट में सातवीं बार किया गया विभागीय परिवर्तन माना जा रहा है।
संजीव अरोड़ा के पास बढ़ी जिम्मेदारी
इस बदलाव के बाद संजीव अरोड़ा के पास अब लोकल बॉडीज विभाग की अतिरिक्त जिम्मेदारी आ गई है। इससे पहले उनके पास बिजली विभाग और इंडस्ट्री से जुड़े अहम विभाग पहले से ही मौजूद हैं। अब स्थानीय निकाय विभाग मिलने के बाद उनके पास शहरी विकास और नगर प्रशासन से जुड़े फैसलों की भी अहम भूमिका होगी। माना जा रहा है कि सरकार ने उन्हें प्रशासनिक अनुभव और कार्यक्षमता को ध्यान में रखते हुए यह जिम्मेदारी सौंपी है।
रवजोत सिंह को मिला एनआरआई विभाग
वहीं, रवजोत सिंह को अब एनआरआई अफेयर्स विभाग सौंपा गया है। इस विभाग के जरिए विदेशों में रहने वाले पंजाबियों से जुड़े मुद्दों, निवेश और उनकी समस्याओं पर काम किया जाता है। सरकार की कोशिश है कि एनआरआई मामलों को बेहतर तरीके से संभाला जाए और पंजाब से उनके जुड़ाव को मजबूत किया जाए।
पहले भी बदले जा चुके हैं विभाग
गौरतलब है कि संजीव अरोड़ा को इससे पहले इंडस्ट्री और कॉमर्स, इन्वेस्टमेंट प्रमोशन और एनआरआई मामलों के विभाग सौंपे गए थे। ये विभाग पहले तरुणप्रीत सिंह सोंध और कुलदीप सिंह धालीवाल के पास थे। बाद में इनसे लेकर संजीव अरोड़ा को जिम्मेदारी दी गई थी। अब एक बार फिर बदलाव करते हुए एनआरआई विभाग उनसे लेकर रवजोत सिंह को दे दिया गया है।
प्रशासनिक और चुनावी संतुलन पर नजर
सरकारी सूत्रों के अनुसार, भगवंत मान कैबिनेट में यह फेरबदल प्रशासनिक क्षमता बढ़ाने और आने वाले चुनावों को ध्यान में रखते हुए क्षेत्रीय संतुलन बनाए रखने के उद्देश्य से किया गया है। माना जा रहा है कि सरकार समय-समय पर ऐसे बदलाव कर कामकाज को और प्रभावी बनाने की रणनीति पर काम कर रही है।
आगे भी हो सकते हैं बदलाव
पंजाब कैबिनेट में पहले भी कई बार विभाग बदले जा चुके हैं। ऐसे में राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि आने वाले समय में जरूरत के अनुसार और भी बदलाव देखने को मिल सकते हैं, ताकि सरकार की कार्यप्रणाली को और मजबूत किया जा सके।
