पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट मीटिंग में राज्य के लिए कई अहम फैसले लिए गए। सबसे बड़ा फैसला लहरागागा स्थित बाबा हीरा सिंह भट्टल इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी में मेडिकल कॉलेज खोलने का रहा। यह इंस्टीट्यूट लंबे समय से बंद पड़ा था, जहां न तो छात्र थे और न ही पढ़ाई हो रही थी। अब यहां मेडिकल कॉलेज स्थापित किया जाएगा और 100 MBBS सीटों के साथ पढ़ाई शुरू होगी।
स्टाफ को मिलेगा नया मौका
इस इंस्टीट्यूट में कार्यरत 92 से 93 टीचिंग स्टाफ को बेरोजगार होने से बचाते हुए अन्य विभागों में ट्रांसफर किया जाएगा। फाइनेंस मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि कॉलेज को माइनॉरिटी अफेयर्स विभाग के तहत विकसित किया जाएगा। इसमें 50 सीटें राज्य सरकार के कोटे में होंगी, जबकि 50 सीटें माइनॉरिटी समुदाय के लिए आरक्षित रहेंगी। शुरुआत में 220 बेड का अस्पताल बनेगा, जिसे बाद में बढ़ाकर 421 बेड तक किया जाएगा। इससे मालवा क्षेत्र के करीब 150 किलोमीटर के दायरे में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी।
नेशनल हाईवे के लिए मिट्टी देगी सरकार
कैबिनेट ने लुधियाना से रोपड़ तक बनने वाले नेशनल हाईवे को लेकर भी बड़ा फैसला लिया। सड़क निर्माण मिट्टी की कमी के कारण रुका हुआ था, जिसे हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उठाया था। अब पंजाब सरकार NHAI को करीब साढ़े चार करोड़ क्यूबिक मीटर मिट्टी उपलब्ध कराएगी, वह भी तीन रुपये प्रति क्यूबिक मीटर की दर से, ताकि परियोजना जल्द पूरी हो सके।
GMADA प्लॉट्स होंगे सस्ते
सरकार ने GMADA के तहत आने वाले रेजिडेंशियल, कमर्शियल और इंडस्ट्रियल प्लॉट्स के रेट भी कम करने का फैसला किया है। एयरोसिटी, आईटी सिटी और इको सिटी जैसी जगहों पर ऊंची कीमतों के कारण प्लॉट्स नहीं बिक पा रहे थे। अब इनके रेट करीब 22.5 प्रतिशत तक घटाए जाएंगे, जिससे निवेशकों और कारोबारियों को राहत मिलेगी।
शिक्षा में नई पहल: डिजिटल ओपन यूनिवर्सिटी
कैबिनेट ने पंजाब प्राइवेट डिजिटल ओपन यूनिवर्सिटी पॉलिसी को भी मंजूरी दी है। इसके साथ ही पंजाब देश का पहला राज्य बन गया है, जहां इस तरह की डिजिटल ओपन यूनिवर्सिटी की नीति लागू होगी। यह उन लोगों के लिए फायदेमंद होगी जो नौकरी या अन्य कारणों से नियमित पढ़ाई नहीं कर पाते। इसके लिए दो एकड़ जमीन और 20 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
इस कैबिनेट मीटिंग में लिए गए फैसले स्वास्थ्य, शिक्षा, इंफ्रास्ट्रक्चर और निवेश—चारों क्षेत्रों में पंजाब को नई दिशा देने वाले माने जा रहे हैं। सरकार का कहना है कि इन कदमों से राज्य में विकास की रफ्तार तेज होगी और आम लोगों को सीधा फायदा मिलेगा।
