ईरान में सरकार के खिलाफ चल रहे प्रदर्शन अब तीसरे सप्ताह में पहुंच चुके हैं। इन प्रदर्शनों में बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतरकर सरकार की नीतियों के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं। अमेरिका स्थित मानवाधिकार कार्यकर्ता समाचार एजेंसी के अनुसार, अब तक इन प्रदर्शनों के दौरान 500 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। इसके अलावा पूरे ईरान में 10,600 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किए जाने की खबर है। हालात लगातार गंभीर होते जा रहे हैं और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इस पर नजर रखी जा रही है।
अमेरिकी राष्ट्रपति की सख्त प्रतिक्रिया
इन घटनाओं के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी है। ट्रंप ने कहा कि प्रदर्शनकारियों की हत्या के मामले में ईरान उनकी तय की गई “रेड लाइन” पार कर चुका है। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों को मारा जा रहा है, जिन्हें नहीं मारा जाना चाहिए। ट्रंप का कहना है कि ईरान के नेता हिंसा के सहारे शासन चला रहे हैं और अमेरिका इस स्थिति को बेहद गंभीरता से देख रहा है।
सेना के विकल्पों पर विचार
अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि अमेरिकी सेना मजबूत विकल्पों पर विचार कर रही है और जल्द ही कोई फैसला लिया जाएगा। जानकारी के अनुसार, मंगलवार को अमेरिकी सैन्य नेतृत्व ईरान के मुद्दे पर राष्ट्रपति को विस्तृत ब्रीफिंग देगा। इसमें ईरान के खिलाफ अलग-अलग तरह की संभावित कार्रवाइयों पर चर्चा होगी।
ईरान पर कार्रवाई के संभावित रास्ते
अमेरिका के सामने कई विकल्प रखे गए हैं। इनमें सैन्य हमला, साइबर हथियारों का इस्तेमाल, ईरान पर अतिरिक्त आर्थिक प्रतिबंध लगाना और सरकार विरोधी प्रदर्शनों को अप्रत्यक्ष रूप से समर्थन देना शामिल है। इन सभी विकल्पों पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। उधर, ईरान ने भी साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका ने कोई हमला किया तो वह अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाएगा। इसी वजह से पूरे क्षेत्र में तनाव बढ़ता दिख रहा है।
इजरायल भी हाई अलर्ट पर
ईरान-अमेरिका तनाव के बीच इजरायल भी सतर्क हो गया है। संभावित कार्रवाई को देखते हुए वहां सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। मध्य पूर्व में किसी भी बड़े टकराव की आशंका से हालात और ज्यादा संवेदनशील हो गए हैं।
प्रदर्शनकारियों पर ईरान की सख्ती
ईरान सरकार प्रदर्शनकारियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाए हुए है। ईरानी सेना के वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा है कि विरोध करने वालों के साथ कड़ाई से निपटा जाएगा। वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी अली लारीजानी ने कुछ प्रदर्शनकारियों पर इस्लामिक स्टेट जैसे आतंकियों की रणनीति अपनाने का आरोप लगाया है और हिंसा व आगजनी के दावे किए हैं।
‘ईश्वर का शत्रु’ बताए जाने की चेतावनी
ईरान के अटॉर्नी जनरल मोहम्मद मोवाहेदी आज़ाद ने चेतावनी दी है कि गिरफ्तार प्रदर्शनकारियों पर “ईश्वर का शत्रु” होने का आरोप लगाया जा सकता है। ईरान के कानून में इस आरोप के तहत मृत्युदंड तक का प्रावधान है। इस बयान के बाद प्रदर्शनकारियों और मानवाधिकार संगठनों की चिंता और बढ़ गई है।
बढ़ता अंतरराष्ट्रीय दबाव
ईरान के अंदर हालात लगातार बिगड़ रहे हैं और बाहर से अमेरिका की चेतावनी ने स्थिति को और तनावपूर्ण बना दिया है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि यह संकट किस दिशा में आगे बढ़ता है।
