पंजाब सरकार ने नशे के खिलाफ अपनी मुहिम को और तेज करते हुए “युद्ध नशे विरुद्ध 2.0” की शुरुआत की है। इस अभियान के तहत नशा मुक्ति के साथ-साथ नशे की गिरफ्त से बाहर आ चुके युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर खास जोर दिया जा रहा है।
डिप्टी कमिश्नरों के साथ समीक्षा बैठक
आज पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह ने “युद्ध नशे विरुद्ध 2.0” अभियान के तहत ‘विलेज वॉचमेन’ योजना में होने वाली पदयात्राओं को लेकर राज्य के सभी डिप्टी कमिश्नरों के साथ एक अहम समीक्षा बैठक की। इस बैठक में जमीनी स्तर पर अभियान को और मजबूत बनाने पर चर्चा की गई।
ITI, NGO और इंडस्ट्री के साथ तालमेल
स्वास्थ्य मंत्री ने डिप्टी कमिश्नरों को निर्देश दिए कि वे इस अभियान में आईटीआई, गैर-सरकारी संगठनों (NGO) और उद्योगों के साथ मिलकर काम करें। इसका उद्देश्य यह है कि नशा छोड़ चुके युवाओं को व्यावहारिक और रोजगार से जुड़ी स्किल्स सिखाई जा सकें।

रोजगार के जरिए समाज की मुख्यधारा में वापसी
मान सरकार का साफ मकसद है कि ड्रग एडिक्ट्स को सिर्फ नशा छुड़वाने तक सीमित न रखा जाए, बल्कि उन्हें ऐसा प्रशिक्षण दिया जाए जिससे वे नौकरी या स्वरोजगार के जरिए अपनी नई जिंदगी शुरू कर सकें। सरकार मानती है कि रोजगार मिलने से व्यक्ति दोबारा नशे की ओर लौटने से बचेगा।
जनभागीदारी से चलेगा अभियान
‘विलेज वॉचमेन’ के तहत होने वाली पदयात्राओं का उद्देश्य गांव-गांव में लोगों को जागरूक करना और समाज को इस लड़ाई में भागीदार बनाना है। सरकार को उम्मीद है कि इस सामूहिक प्रयास से पंजाब को नशामुक्त बनाने की दिशा में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।
