पंजाब में श्री गुरु ग्रंथ साहिब के 328 पवित्र स्वरूपों के लापता होने के मामले में जांच को बड़ी कामयाबी मिली है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने माघी पर्व के मौके पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए संगत के साथ इस संवेदनशील जांच से जुड़ी अहम जानकारी साझा की। मुख्यमंत्री ने बताया कि स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) को बंगा इलाके में 169 पवित्र स्वरूप मिले हैं, जो जांच के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
रिकॉर्ड में सिर्फ 30 स्वरूप, 139 बिना दस्तावेज
मुख्यमंत्री ने बताया कि बंगा इलाके से मिले 169 पवित्र स्वरूपों में से सिर्फ 30 स्वरूप ही आधिकारिक रिकॉर्ड में दर्ज हैं। बाकी 139 स्वरूपों का कोई रिकॉर्ड नहीं है, जो बेहद गंभीर और गैर-जिम्मेदाराना स्थिति को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि पवित्र स्वरूपों का बिना रिकॉर्ड के इस तरह रखा जाना न सिर्फ लापरवाही है, बल्कि धार्मिक भावनाओं से जुड़ा एक संवेदनशील मुद्दा भी है।
पूरे सम्मान के साथ होगी आगे की प्रक्रिया
CM भगवंत मान ने स्पष्ट किया कि जिन पवित्र स्वरूपों का कोई रिकॉर्ड नहीं है, उन्हें पूरे सम्मान, मर्यादा और धार्मिक परंपराओं के अनुसार पहले से तय की गई जगह पर ले जाया जाएगा। सरकार और SIT यह सुनिश्चित कर रही है कि इस पूरी प्रक्रिया में गुरु मर्यादा का पूरी तरह पालन हो और संगत की भावनाओं का पूरा सम्मान रखा जाए।
माघी पर्व पर गुरु चरणों में नतमस्तक हुए नेता
माघी के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री भगवंत मान और आम आदमी पार्टी के पंजाब इंचार्ज मनीष सिसोदिया ने अन्य वरिष्ठ ‘AAP’ नेताओं के साथ गुरु के चरणों में माथा टेका। इस दौरान उन्होंने पंजाब की शांति, एकता और तरक्की के लिए अरदास की।
जांच जारी, दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि 328 लापता पवित्र स्वरूपों के पूरे मामले की निष्पक्ष और गहराई से जांच की जा रही है। जो भी इस लापरवाही या गड़बड़ी के लिए जिम्मेदार पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। सरकार का उद्देश्य सच सामने लाना और संगत का विश्वास बनाए रखना है।
