पंजाब में युवाओं को पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से रोजगार उपलब्ध कराने के संकल्प के साथ पंजाब के नेतृत्व में सरकार ने अब तक 63,943 सरकारी नौकरियां प्रदान की हैं। खास बात यह है कि ये सभी नियुक्तियां बिना रिश्वत और बिना सिफारिश के दी गई हैं। इससे भर्ती प्रक्रिया में भरोसा और पारदर्शिता दोनों मजबूत हुए हैं।
सरकार ने स्पष्ट नीति अपनाई है कि चयन का एकमात्र आधार योग्यता और मेरिट होगा। आवेदन प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन किया गया, परीक्षाएं निष्पक्ष ढंग से आयोजित की गईं और मेरिट सूची सार्वजनिक रूप से जारी की गई। इससे युवाओं को यह विश्वास मिला है कि उनकी मेहनत का सम्मान होगा और किसी भी प्रकार की सिफारिश या लेन-देन की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।

इन 63,943 नियुक्तियों में शिक्षा, स्वास्थ्य, पुलिस, बिजली, परिवहन, राजस्व और अन्य प्रशासनिक विभाग शामिल हैं। शिक्षा विभाग में शिक्षकों की बड़ी संख्या में भर्ती से सरकारी स्कूलों की गुणवत्ता में सुधार हुआ है। स्वास्थ्य विभाग में डॉक्टरों, नर्सों और तकनीकी स्टाफ की नियुक्ति से सरकारी अस्पतालों की सेवाएं सुदृढ़ हुई हैं। वहीं पुलिस विभाग में नई भर्तियों से कानून-व्यवस्था को मजबूती मिली है।
सरकार का लक्ष्य केवल सरकारी नौकरियों तक सीमित नहीं है। औद्योगिक निवेश, स्टार्टअप प्रोत्साहन, कौशल विकास कार्यक्रम और निजी क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ाने पर भी जोर दिया जा रहा है। युवाओं के लिए स्किल ट्रेनिंग और स्वरोजगार योजनाओं के माध्यम से रोजगार के नए रास्ते खोले जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि सभी के लिए रोजगार की व्यवस्था करना सरकार की प्राथमिकता है और इस दिशा में पूरी सरकार समर्पित भाव से कार्य कर रही है। पारदर्शी भर्ती प्रणाली और व्यापक रोजगार सृजन की रणनीति के माध्यम से पंजाब को आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का अभियान लगातार आगे बढ़ रहा है।
यह पहल न केवल पंजाब के युवाओं के सपनों को साकार कर रही है, बल्कि राज्य में विश्वास, पारदर्शिता और सुशासन की नई मिसाल भी स्थापित कर रही है।
