पंजाब में विकास कार्यों को आगे बढ़ाते हुए सरकार जल संरक्षण पर भी विशेष ध्यान दे रही है। सरहिंद फीडर नहर को पक्का करने के दौरान एक नई तकनीक अपनाई गई है, जिससे पर्यावरण और खेती दोनों को फायदा मिले।
नहर में बनाए गए विशेष गड्ढे
नहर को मजबूत बनाते समय बीच-बीच में 1×1 मीटर के गड्ढे तैयार किए गए हैं। इनका उद्देश्य आसपास के खेतों की मिट्टी की उर्वरता को बनाए रखना और जमीन के नीचे के पानी के स्तर को संतुलित रखना है। इससे पानी का प्राकृतिक रिसाव जारी रहेगा और भूजल स्तर पर नकारात्मक असर नहीं पड़ेगा।
किसानों को होगा फायदा
सरकार का मानना है कि केवल सतही पानी उपलब्ध कराना ही काफी नहीं है, बल्कि ग्राउंडवाटर लेवल को भी स्थिर रखना जरूरी है। इस कदम से किसानों को लंबे समय में फायदा मिलेगा और मिट्टी की गुणवत्ता बेहतर बनी रहेगी।
यह पहल दर्शाती है कि विकास परियोजनाओं में पर्यावरणीय संतुलन को भी प्राथमिकता दी जा रही है। सरकार का लक्ष्य है कि आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा भी सुनिश्चित की जाए।
