वेस्ट एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव का असर सीधे कीमती धातुओं के बाजार पर दिख रहा है। निवेशक जोखिम भरे बाजारों से निकलकर सोना और चांदी जैसे सुरक्षित विकल्पों में पैसा लगा रहे हैं। इसी वजह से दिल्ली बुलियन मार्केट में सोमवार को बड़ी तेजी दर्ज की गई।
चांदी ने छुआ 3 लाख का स्तर
ऑल इंडिया बुलियन एसोसिएशन के अनुसार, चांदी की कीमत में करीब 12% तक उछाल आया। चांदी 32,000 रुपये बढ़कर 3,00,000 रुपये प्रति किलो (टैक्स सहित) तक पहुंच गई। यह हाल के समय की बड़ी छलांग मानी जा रही है।
वहीं 99.9% शुद्धता वाला सोना 8,100 रुपये चढ़कर 1,72,800 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। पिछले कारोबारी सत्र में सोना 1,64,700 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था।
क्यों आई इतनी तेजी?
विशेषज्ञों का कहना है कि वेस्ट एशिया में बढ़ते सैन्य संघर्ष के कारण बाजार में अनिश्चितता बढ़ गई है। ईरान पर अमेरिका और इज़राइल की कार्रवाई और उसके बाद हुए जवाबी हमलों ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। ऐसी स्थिति में लोग शेयर बाजार और जोखिम वाले निवेश से दूरी बनाकर सोने-चांदी में निवेश करना पसंद करते हैं।
रिपोर्ट्स में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत की खबर सामने आने के बाद बाजार में और घबराहट देखी गई, जिससे कीमती धातुओं की मांग तेज हो गई।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी मजबूती
सिर्फ भारत ही नहीं, वैश्विक बाजार में भी सोने और चांदी की कीमतों में तेजी आई है। स्पॉट गोल्ड 2% से ज्यादा बढ़कर करीब 5,394 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। वहीं चांदी भी लगभग 95 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर ट्रेड करती नजर आई।
विश्लेषकों के मुताबिक सोने की कीमतें करीब दो महीने के उच्च स्तर पर पहुंच चुकी हैं।
संघर्ष का बढ़ता दायरा
तनाव का असर केवल बाजार तक सीमित नहीं है। खबरों के अनुसार, ईरान ने कई खाड़ी देशों में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है। इससे क्षेत्रीय स्थिरता, ऊर्जा आपूर्ति और वैश्विक व्यापार मार्गों को लेकर चिंता बढ़ गई है। तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव भी बाजार को प्रभावित कर रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक भू-राजनीतिक हालात सामान्य नहीं होते, तब तक सोने और चांदी की कीमतों में मजबूती बनी रह सकती है। अगर तनाव और बढ़ता है तो कीमती धातुओं में और तेजी देखने को मिल सकती है।मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव ने निवेशकों को सुरक्षित निवेश की ओर मोड़ दिया है। दिल्ली बुलियन मार्केट में आई यह तेजी दिखाती है कि अनिश्चित समय में सोना और चांदी अब भी भरोसेमंद विकल्प माने जाते हैं। आने वाले दिनों में बाजार की दिशा काफी हद तक वैश्विक हालात पर निर्भर करेगी।
