बिहार में नई सरकार के गठन को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। राजधानी पटना में लगातार बैठकों का दौर चल रहा है। इसी क्रम में उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मुख्यमंत्री आवास पर नीतीश कुमार से मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच करीब 25 मिनट तक चर्चा हुई। इसके अलावा जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा ने भी अलग से नीतीश कुमार से बातचीत की।
इन बैठकों में नई सरकार के स्वरूप और नेतृत्व को लेकर कई अहम मुद्दों पर विचार किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री को लेकर चर्चा
राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि नई सरकार में मुख्यमंत्री पद भारतीय जनता पार्टी के पास जा सकता है। साथ ही यह भी विचार किया जा रहा है कि सरकार में एक उपमुख्यमंत्री होगा या पहले की तरह दो उपमुख्यमंत्री बनाए जाएंगे।
सूत्रों के अनुसार जदयू की ओर से केवल एक डिप्टी सीएम बनाए जाने की संभावना है। पार्टी के भीतर यह चर्चा भी चल रही है कि नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को पार्टी में बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है। ऐसे में उन्हें उपमुख्यमंत्री पद का दावेदार माना जा रहा है।
सरकार में दलों की संभावित भागीदारी
जानकारी के मुताबिक नई सरकार में बीजेपी के लगभग 15 मंत्री हो सकते हैं। वहीं जदयू को भी करीब 15 मंत्री पद मिलने की संभावना है।
इसके अलावा चिराग पासवान की पार्टी लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) से दो मंत्री बनाए जा सकते हैं। उपेंद्र कुशवाहा की राष्ट्रीय लोक मोर्चा से एक और जीतनराम मांझी की हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा से भी एक मंत्री को जगह मिल सकती है।
स्पीकर का पद बीजेपी के पास रहने और डिप्टी स्पीकर का पद जदयू को मिलने की चर्चा भी सामने आ रही है।
कब मिलेगा बिहार को नया मुख्यमंत्री
जदयू सूत्रों के अनुसार बिहार के नए मुख्यमंत्री को लेकर अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है। संभावना है कि अगले महीने से पहले इस पर निर्णय नहीं लिया जाएगा।
बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री का पद 10 अप्रैल के बाद ही खाली होगा। मौजूदा राज्यसभा सांसदों का कार्यकाल 9 अप्रैल तक है, जिसके बाद नई राजनीतिक स्थिति साफ हो सकती है।
सूत्रों का कहना है कि नीतीश कुमार राज्यसभा जाने के बाद भी पटना में अपना राजनीतिक आधार बनाए रखेंगे और केवल संसद सत्र के दौरान दिल्ली जाएंगे।
जदयू की अहम बैठक
इस बीच जदयू ने पटना में पार्टी नेताओं की एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है। इस बैठक में मंत्री, विधायक, विधान परिषद सदस्य, सांसद और पार्टी के अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी शामिल होंगे।
बैठक में नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के फैसले और भविष्य की राजनीतिक रणनीति पर चर्चा होने की संभावना है।
पार्टी में नाराजगी की भी चर्चा
जदयू के मुख्य प्रवक्ता और एमएलसी नीरज कुमार ने कहा कि नीतीश कुमार के फैसले पर चर्चा करने के लिए यह बैठक बुलाई गई है। उन्होंने बताया कि कुछ नेताओं में इस फैसले को लेकर नाराजगी और दुख भी है।
हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पार्टी का नेतृत्व अभी भी नीतीश कुमार के मार्गदर्शन में आगे बढ़ेगा। उन्होंने आरजेडी के साथ जाने की किसी भी संभावना को पूरी तरह खारिज कर दिया।
इस बीच बिहार की राजनीति में नए मुख्यमंत्री और सरकार के गठन को लेकर उत्सुकता बनी हुई है। आने वाले दिनों में इस पर अंतिम फैसला होने की उम्मीद है।
