पंजाब सरकार ने राज्य के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने के लिए मुख्यमंत्री सेहत योजना लागू की है। इस योजना के तहत हर परिवार को 10 लाख रुपये तक का कैशलेस स्वास्थ्य कवर दिया जा रहा है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आर्थिक तंगी के कारण किसी भी परिवार को इलाज से वंचित न रहना पड़े।
इस योजना में 2356 प्रकार की बीमारियों और सर्जरी प्रक्रियाओं को शामिल किया गया है। मरीज इस सुविधा का लाभ पंजाब और चंडीगढ़ के करीब 900 सरकारी और पैनल में शामिल निजी अस्पतालों में ले सकते हैं। इससे बड़ी संख्या में लोगों को बेहतर और सस्ता इलाज उपलब्ध हो रहा है।
मेडिकल शिक्षा को दिया जा रहा बढ़ावा
राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने के लिए मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र में भी कदम उठाए जा रहे हैं। पंजाब सरकार ने मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस सीटों की संख्या बढ़ाने का फैसला लिया है, ताकि अधिक छात्र डॉक्टर बन सकें और भविष्य में स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार हो सके।
गुरु गोबिंद सिंह मेडिकल कॉलेज, फरीदकोट में 100 एमबीबीएस सीटें बढ़ाई गई हैं। इसके अलावा दयानंद मेडिकल कॉलेज, लुधियाना में 50 सीटें और ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज, लुधियाना में भी 50 एमबीबीएस सीटें बढ़ाई गई हैं।
नए मेडिकल कॉलेजों की तैयारी
पंजाब सरकार राज्य में स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने के लिए नए मेडिकल कॉलेज भी स्थापित कर रही है। होशियारपुर और कपूरथला में नए मेडिकल कॉलेज बनाने की प्रक्रिया जारी है।
इन संस्थानों के शुरू होने से राज्य में डॉक्टरों की संख्या बढ़ेगी और लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं मिलेंगी।
बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था की दिशा में कदम
सरकार का लक्ष्य है कि पंजाब में स्वास्थ्य सेवाओं और चिकित्सा शिक्षा को आधुनिक बनाया जाए। मुख्यमंत्री सेहत योजना और मेडिकल कॉलेजों के विस्तार जैसे कदम इसी दिशा में महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। इससे आने वाले समय में राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था और मजबूत होने की उम्मीद है।
