पंजाब विधानसभा में पेश किए गए वित्त वर्ष 2026-27 के बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए पंजाब के कृषि और किसान कल्याण मंत्री गुरमीत सिंह खुदियां ने कहा कि यह बजट किसानों के लिए बदलाव लाने वाला साबित होगा। उन्होंने कहा कि पंजाब देश की फूड सिक्योरिटी की रीढ़ है और सरकार का लक्ष्य किसानों को मजबूत बनाकर इस भूमिका को और मजबूत करना है।
सरकार ने कृषि और उससे जुड़े क्षेत्रों के लिए 15,377 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया है। मंत्री के अनुसार यह राशि खेती को टिकाऊ बनाने, फसलों में विविधता लाने और किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से खर्च की जाएगी।
पानी बचाने वाली तकनीकों को बढ़ावा
गुरमीत सिंह खुदियां ने बताया कि सरकार पानी बचाने वाली तकनीकों को बढ़ावा देने के लिए लगातार काम कर रही है। डायरेक्ट सीडेड राइस (DSR) तकनीक को अपनाने के लिए सरकार ने 2025-26 में 35 करोड़ रुपये दिए थे, जिसे अब 2026-27 के लिए बढ़ाकर 40 करोड़ रुपये कर दिया गया है।
उन्होंने किसानों से अपील की कि वे DSR जैसी तकनीकों को अपनाएं, जिससे पानी की बचत होगी और मजदूरों की कमी की समस्या भी कम होगी।
फसल विविधीकरण को बढ़ावा
सरकार ने धान के विकल्प के रूप में खरीफ मक्का की खेती को बढ़ावा देने के लिए छह जिलों—पठानकोट, गुरदासपुर, बठिंडा, संगरूर, जालंधर और कपूरथला—में एक पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया है।
इस योजना के तहत किसानों को 17,500 रुपये प्रति हेक्टेयर का प्रोत्साहन दिया जाएगा और इसके लिए 15 करोड़ रुपये का विशेष बजट रखा गया है। सरकार का मानना है कि इससे खेती में विविधता बढ़ेगी और किसानों की आय में सुधार होगा।
पराली प्रबंधन के लिए बड़ा प्रावधान
पराली जलाने की समस्या से निपटने के लिए सरकार ने मशीनों पर सब्सिडी देने की योजना को और मजबूत किया है। 2025-26 में 402 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे, जबकि 2026-27 के लिए 600 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है। इससे किसानों को आधुनिक मशीनें मिलेंगी और पर्यावरण को भी फायदा होगा।
बिजली सब्सिडी और ग्रामीण आय में बढ़ोतरी
किसानों को सिंचाई के लिए राहत देने के उद्देश्य से सरकार ने 7,715 करोड़ रुपये की बिजली सब्सिडी का प्रावधान किया है। इससे किसानों को मुफ्त और सब्सिडी वाली बिजली मिलती रहेगी।
इसके अलावा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए डेयरी और पशुपालन क्षेत्र पर भी ध्यान दिया गया है। डेयरी किसानों के समर्थन के लिए 100 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है, ताकि दूध की उचित कीमत मिल सके और छोटे किसानों को बाजार के उतार-चढ़ाव से बचाया जा सके।
मत्स्य पालन और नई आय के अवसर
सरकार ने मत्स्य पालन क्षेत्र को भी बढ़ावा दिया है। राज्य में उच्च गुणवत्ता के 1500 लाख से अधिक मछली बीज तैयार किए गए हैं और लगभग 3000 एकड़ जमीन को मछली पालन से जोड़ा गया है।
कृषि मंत्री ने कहा कि यह बजट मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के उस विज़न को दर्शाता है, जिसमें किसान केवल अन्नदाता नहीं बल्कि राज्य की विकास नीति के केंद्र में हैं। सरकार का लक्ष्य खेती की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाकर किसानों के सम्मान और भविष्य को सुरक्षित करना है।
