देश के कई बड़े शहरों में इन दिनों कमर्शियल LPG सिलेंडर की सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ गई है। होटल और रेस्टोरेंट संचालकों का कहना है कि गैस की आपूर्ति में रुकावट के कारण कई जगहों पर काम प्रभावित हो रहा है। अगर स्थिति जल्द सामान्य नहीं हुई तो कुछ शहरों में रेस्टोरेंट अस्थायी रूप से बंद करने की नौबत भी आ सकती है।
मुंबई, बेंगलुरु और चेन्नई जैसे बड़े शहरों में होटल संगठनों ने बताया कि कई जगहों पर गैस सिलेंडर की डिलीवरी में देरी हो रही है। मुंबई में तो कुछ रिपोर्टों के अनुसार करीब 10–20 प्रतिशत होटल और रेस्टोरेंट प्रभावित हुए हैं और यदि सप्लाई में सुधार नहीं हुआ तो यह संख्या और बढ़ सकती है।
मिडिल ईस्ट तनाव का असर
विशेषज्ञों के अनुसार इस स्थिति की एक बड़ी वजह मिडिल ईस्ट में बढ़ता तनाव और ऊर्जा सप्लाई पर असर है। भारत अपनी LPG जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है और उसका महत्वपूर्ण भाग खाड़ी देशों से आता है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय हालात का असर गैस की उपलब्धता और कीमतों पर दिखाई देने लगा है।
हालांकि सरकार और ऊर्जा विशेषज्ञों का कहना है कि देश में LPG की कोई बड़ी कमी नहीं है। कई जगहों पर घबराहट में ज्यादा बुकिंग और स्थानीय स्तर की सप्लाई समस्याओं के कारण स्थिति ज्यादा गंभीर दिखाई दे रही है।
सरकार का हस्तक्षेप और कदम
स्थिति को संभालने के लिए केंद्र सरकार ने कई कदम उठाए हैं। पेट्रोलियम मंत्रालय ने तेल रिफाइनरियों को LPG उत्पादन बढ़ाने और घरेलू जरूरतों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही जमाखोरी और घबराहट में बुकिंग को रोकने के लिए गैस सिलेंडर की बुकिंग के बीच 25 दिन का अंतर लागू किया गया है।
सरकार ने यह भी कहा है कि घरेलू उपयोग के लिए गैस की आपूर्ति को प्राथमिकता दी जाएगी, जबकि अस्पताल और शिक्षा संस्थानों जैसे जरूरी क्षेत्रों को भी प्राथमिकता दी जाएगी।
फूड इंडस्ट्री की चिंता
रेस्टोरेंट और होटल उद्योग से जुड़े संगठनों का कहना है कि फूड इंडस्ट्री लाखों लोगों को रोजगार देती है और कई जगहों पर लोगों के लिए रोज़ाना भोजन की व्यवस्था करती है। इसलिए गैस सप्लाई सामान्य रखना बेहद जरूरी है।
स्थिति पर नजर
फिलहाल सरकार और तेल कंपनियां स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर अंतरराष्ट्रीय हालात स्थिर रहते हैं और उत्पादन बढ़ाया जाता है तो जल्द ही गैस सप्लाई की स्थिति सामान्य हो सकती है।
