पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने विधानसभा के बजट सत्र के दौरान इंडो-यूएस ट्रेड डील के खिलाफ कड़ा निंदा प्रस्ताव पेश किया। उन्होंने कहा कि इतने महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय समझौते पर केंद्र सरकार ने राज्यों से कोई सलाह-मशविरा नहीं किया और न ही इस विषय पर कोई सर्वदलीय बैठक बुलाई। मुख्यमंत्री ने इसे संघीय ढांचे और लोकतांत्रिक परंपराओं की अनदेखी बताया।
किसानों और आम लोगों के हितों की चिंता
सीएम भगवंत मान ने कहा कि यह व्यापार समझौता देश के आम लोगों और खासकर किसानों के हितों पर असर डाल सकता है। उनका कहना है कि किसानों की मेहनत और देश की कृषि व्यवस्था को ध्यान में रखे बिना ऐसे फैसले लेना उचित नहीं है। उन्होंने केंद्र सरकार से अपील की कि किसी भी अंतरराष्ट्रीय समझौते से पहले राज्यों और किसानों के प्रतिनिधियों से चर्चा करना जरूरी है।
लोकतांत्रिक प्रक्रिया का सम्मान जरूरी
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में लोकतांत्रिक व्यवस्था तभी मजबूत होती है जब बड़े फैसले सामूहिक विचार-विमर्श से लिए जाएं। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार को गरीबों, किसानों और समाज के कमजोर वर्गों के हितों को प्राथमिकता देनी चाहिए।
सीएम भगवंत मान ने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि वह देश के लोगों की आवाज सुने और ऐसे फैसले ले जो किसानों और आम जनता के हितों की रक्षा करें। उन्होंने कहा कि पंजाब हमेशा किसानों और आम लोगों के अधिकारों के लिए आवाज उठाता रहेगा।
