मिडिल ईस्ट तनाव का असर अब आपकी जेब पर
मिडिल ईस्ट में चल रहे ईरान-इजरायल संघर्ष का असर अब आम लोगों की यात्रा पर भी पड़ने लगा है। इस तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं। तेल महंगा होने का सीधा असर विमान ईंधन यानी एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) पर पड़ता है। इसी वजह से आने वाले दिनों में हवाई टिकट महंगे हो सकते हैं।
1 अप्रैल से बढ़ सकते हैं ईंधन के दाम
सरकार के अनुसार, ATF की कीमतें हर महीने की पहली तारीख को तय होती हैं। ऐसे में 1 अप्रैल से नई कीमतें लागू होंगी और माना जा रहा है कि इसमें बढ़ोतरी हो सकती है। अगर ऐसा हुआ, तो एयरलाइंस कंपनियों की लागत बढ़ जाएगी और वे इसका बोझ यात्रियों पर डाल सकती हैं।
एयरलाइंस पर बढ़ा आर्थिक दबाव
एयरलाइंस के कुल खर्च का लगभग 35% से 45% हिस्सा सिर्फ ईंधन पर खर्च होता है। जब तेल की कीमतें बढ़ती हैं, तो कंपनियों के लिए संचालन महंगा हो जाता है। इसके अलावा, युद्ध के कारण कई उड़ानों के रास्ते बदलने पड़ रहे हैं, जिससे दूरी और समय दोनों बढ़ रहे हैं। इससे भी लागत में इजाफा हो रहा है।
टिकट पर लग रहा अतिरिक्त चार्ज
बढ़ती लागत को संभालने के लिए कई एयरलाइंस पहले ही “फ्यूल सरचार्ज” लागू कर चुकी हैं। उदाहरण के तौर पर कुछ कंपनियां दूरी के हिसाब से सैकड़ों से लेकर हजारों रुपये तक अतिरिक्त शुल्क ले रही हैं। इसका मतलब है कि आने वाले समय में टिकट बुक करते वक्त आपको ज्यादा पैसा देना पड़ सकता है।
किराए में कितनी बढ़ोतरी संभव?
विशेषज्ञों का मानना है कि घरेलू उड़ानों के किराए में 10% से 15% तक और लंबी दूरी की अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में इससे भी ज्यादा बढ़ोतरी हो सकती है।
हालांकि सरकार का कहना है कि वह स्थिति पर नजर बनाए हुए है और कोशिश की जा रही है कि यात्रियों पर अचानक ज्यादा बोझ न पड़े।
अगर आप आने वाले समय में यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो जल्द टिकट बुक करना बेहतर हो सकता है। क्योंकि जैसे-जैसे ईंधन महंगा होगा, वैसे-वैसे टिकट की कीमत भी बढ़ती जाएगी।
