भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार लगातार ऐसे ठोस कदम उठा रही है, जिनका सीधा लाभ राज्य के आम नागरिकों खासकर बुजुर्गों, महिलाओं और जरूरतमंद वर्गों को मिल रहा है। “साडे बुजुर्ग, साडा माण जैसे अभियानों के माध्यम से सरकार ने यह स्पष्ट कर दिया है कि सामाजिक सुरक्षा केवल एक योजना नहीं, बल्कि एक जिम्मेदारी है।
यह पहल राज्य के बुजुर्ग नागरिकों को सम्मान, देखभाल और सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने की पंजाब सरकार की मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में सरकार बुजुर्गों के लिए सुरक्षित और गरिमापूर्ण जीवन सुनिश्चित करने के लिए समर्पित है। दूसरे चरण के तहत जिला स्तरीय शिविरों के आयोजन के लिए 786 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है, ताकि स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा सेवाएं सीधे बुजुर्गों के घरों के पास उपलब्ध कराई जा सकें।
वर्ष 2023 में शुरू हुए पहल को मिली जबरदस्त प्रतिक्रिया, 2023 में 20,210 बुजुर्ग नागरिकों का पंजीकरण हुआ था। यह संख्या दर्शाती है कि ऐसी योजनाओं की वास्तविक आवश्यकता है और लोगों का सरकार की पहलों पर भरोसा मजबूत हुआ है।
इन विशेष शिविरों में आंखों की जांच, मोतियाबिंद परीक्षण, ईएनटी एवं ऑर्थोपेडिक परामर्श, गैर-संचारी रोगों और डिमेंशिया की स्क्रीनिंग जैसी स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। साथ ही, होम्योपैथिक और आयुर्वेदिक उपचार की सुविधा भी दी जा रही है। सामाजिक सुरक्षा पेंशन के लिए मौके पर नामांकन, सीनियर सिटीजन कार्ड और आलिमको कार्ड जारी करने की व्यवस्था भी की गई है।
ज़रूरतमंद बुजुर्गों को निकट दृष्टि चश्मे, श्रवण यंत्र, चलने में सहायक उपकरण, व्हीलचेयर और अन्य जरूरी साधन मौके पर वितरित किए जा रहे हैं। राज्यभर में सहायता के लिए टोल फ्री हेल्पलाइन 14567 पहले से सक्रिय है।
वर्तमान में लगभग 23.33 लाख लाभार्थियों को वृद्धावस्था पेंशन दी जा रही है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 4,100 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान सामाजिक सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का प्रमाण है।
