पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री Balbir Singh ने विपक्ष के नेता पर निशाना साधते हुए कहा कि सार्वजनिक मुद्दों पर बोलने से पहले तथ्यों की जांच करना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि केवल व्हाट्सऐप पर आए संदेशों को सच मानकर आगे बढ़ाना सही नहीं है। जिम्मेदार पद पर बैठे नेताओं को जानकारी की पुष्टि करने के बाद ही बयान देना चाहिए।
गैर-पैनल अस्पताल का मामला
मंत्री ने स्पष्ट किया कि जिस मरीज का जिक्र किया जा रहा है, वह एक ऐसे निजी अस्पताल में गया था जो सरकारी योजना के तहत पैनल में शामिल नहीं है। ऐसे मामलों को लेकर गलत जानकारी फैलाना जनता को भ्रमित कर सकता है। उन्होंने कहा कि लोगों को यह समझना चाहिए कि हर निजी अस्पताल इस योजना का हिस्सा नहीं होता।
निजी अस्पतालों की भागीदारी स्वैच्छिक
Balbir Singh ने यह भी कहा कि निजी अस्पतालों को किसी योजना में शामिल होने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता। यह पूरी तरह स्वैच्छिक प्रक्रिया है और राष्ट्रीय स्तर पर भी यही व्यवस्था लागू है। इसलिए इस मुद्दे को गलत तरीके से पेश करना उचित नहीं है।
मोहल्ला क्लिनिक पर भी उठाया सवाल
मंत्री ने याद दिलाया कि विपक्ष के नेता ने पहले विधानसभा में अपने क्षेत्र में मोहल्ला क्लिनिक न होने का दावा किया था। उस समय उन्हें संबंधित क्लिनिकों की पूरी सूची दी गई थी, जिसमें उनके अपने क्षेत्र के क्लिनिक भी शामिल थे।
जमीनी हकीकत समझने की सलाह
मंत्री ने विपक्ष को सलाह देते हुए कहा कि उन्हें लोगों के बीच जाकर वास्तविक स्थिति को समझना चाहिए। केवल दूर बैठकर टिप्पणी करने से सच्चाई का पता नहीं चलता, बल्कि जमीनी स्तर पर जाकर ही सही जानकारी मिलती है।
