पंजाब में शिक्षा को लेकर पिछले चार सालों में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। Bhagwant Mann ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि साल 2026-27 के लिए शिक्षा बजट ₹19,279 करोड़ रखा गया है। यह बजट दिखाता है कि सरकार शिक्षा को प्राथमिकता दे रही है। इसके अलावा, शिक्षा क्रांति के दूसरे चरण के लिए अलग से ₹3,500 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जिससे स्कूलों और शिक्षा व्यवस्था को और बेहतर बनाया जाएगा।
नेशनल सर्वे में पंजाब नंबर 1
सबसे बड़ी उपलब्धि यह रही कि नेशनल अचीवमेंट सर्वे में पंजाब पहली बार पूरे देश में नंबर 1 स्थान पर पहुंच गया है। यह सर्वे केंद्र सरकार द्वारा कराया जाता है, जिसमें छात्रों की पढ़ाई और समझ का स्तर जांचा जाता है। पंजाब का प्रदर्शन इतना बेहतर रहा कि उसका स्कोर देश के औसत से 18% ज्यादा दर्ज किया गया।
प्रतियोगी परीक्षाओं में शानदार प्रदर्शन
राज्य के छात्रों ने राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में भी शानदार प्रदर्शन किया है। पिछले तीन सालों में 740 छात्रों ने JEE परीक्षा पास की है, जो इंजीनियरिंग के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है। वहीं, पिछले दो सालों में 1,284 छात्रों का चयन NEET परीक्षा में हुआ है, जो मेडिकल क्षेत्र में जाने का रास्ता खोलती है।
शिक्षा सुधार का असर
इन आंकड़ों से साफ है कि पंजाब में शिक्षा सुधार का असर जमीन पर दिख रहा है। सरकारी स्कूलों की स्थिति बेहतर हुई है और छात्रों का आत्मविश्वास भी बढ़ा है। यही वजह है कि अब पंजाब के बच्चे देशभर में अपनी पहचान बना रहे हैं।
