ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव के बीच एक बड़ा सैन्य घटनाक्रम सामने आया है। अमेरिकी वायुसेना का एक F-15 लड़ाकू विमान ईरान के अंदर मार गिराया गया था। इस विमान में दो अधिकारी सवार थे। पायलट को पहले ही सुरक्षित निकाल लिया गया था, लेकिन दूसरा अधिकारी (वेपन सिस्टम ऑफिसर) ईरान के अंदर फंसा हुआ था।
खतरनाक मिशन के जरिए बचाव
इस फंसे हुए अधिकारी को निकालने के लिए अमेरिकी सेना ने बेहद जोखिम भरा ऑपरेशन चलाया। इस मिशन में सैकड़ों स्पेशल फोर्स सैनिक, हेलीकॉप्टर और कई लड़ाकू विमान शामिल किए गए। ऑपरेशन रात में शुरू हुआ और दुश्मन के इलाके के अंदर गहराई तक जाकर अधिकारी को सुरक्षित निकाला गया।
बताया गया कि अधिकारी घायल था और कई घंटों तक छिपकर अपनी जान बचाता रहा। अमेरिकी सेना लगातार उसकी लोकेशन ट्रैक कर रही थी और सही मौके का इंतजार कर रही थी।
ऑपरेशन के दौरान मुकाबला
यह मिशन बिल्कुल आसान नहीं था। ईरानी सुरक्षा बलों ने बचाव अभियान को रोकने की कोशिश की, जिसके कारण कई जगहों पर गोलीबारी और टकराव की स्थिति बनी। कुछ अमेरिकी हेलीकॉप्टरों पर भी हमला हुआ, लेकिन वे सुरक्षित बाहर निकलने में सफल रहे।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस दौरान अमेरिकी सेना को कुछ तकनीकी नुकसान भी हुआ और एक विमान खराबी के कारण नष्ट हो गया, ताकि वह दुश्मन के हाथ न लगे।
अमेरिकी राष्ट्रपति का बयान
अमेरिका के राष्ट्रपति ने इस मिशन को इतिहास के सबसे साहसी बचाव अभियानों में से एक बताया। उन्होंने कहा कि इतनी कठिन परिस्थितियों के बावजूद सेना ने अपने अधिकारी को सुरक्षित निकाल लिया और यह एक बड़ी सफलता है।
युद्ध की बढ़ती स्थिति
यह घटना ऐसे समय पर हुई है जब अमेरिका, इज़राइल और ईरान के बीच कई हफ्तों से संघर्ष जारी है। इस संघर्ष में कई सैन्य हमले, विमान गिराए जाने और मिसाइल हमलों की घटनाएं सामने आ चुकी हैं।
