पंजाब की शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में एक अहम कदम उठाया गया है। Punjab School Education Board (पीएसईबी) द्वारा आयोजित दो-दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। यह कार्यक्रम Confederation of Indian Industry (सीआईआई) के नॉर्दर्न रीजन मुख्यालय में आयोजित किया गया, जहां देशभर से शिक्षा विशेषज्ञ, शिक्षक और तकनीकी जानकार एकत्र हुए।
शिक्षा में बदलाव का रोडमैप तैयार
इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य स्कूलों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को शामिल करने के लिए एक स्पष्ट योजना तैयार करना था। चर्चा के दौरान इस बात पर जोर दिया गया कि एआई के जरिए शिक्षा की गुणवत्ता बेहतर की जा सकती है और ज्यादा से ज्यादा छात्रों तक सीखने के अवसर पहुंचाए जा सकते हैं। साथ ही यह भी लक्ष्य रखा गया कि विद्यार्थी सिर्फ तकनीक का इस्तेमाल करने वाले न बनें, बल्कि उसे बनाने वाले भी बनें।
डॉ. अमरपाल सिंह ने दी अहम सीख
पीएसईबी के चेयरमैन Amarpal Singh ने एआई के सही और जिम्मेदार उपयोग पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि आज के समय में एआई टूल्स छात्रों के जीवन का हिस्सा बन चुके हैं, इसलिए उनका उपयोग समझदारी से करना जरूरी है। उन्होंने छात्रों को प्रेरित किया कि वे एआई को एक अच्छे मित्र की तरह चुनें और उसका उपयोग सीखने, रचनात्मकता और समस्या-समाधान के लिए करें।
गूगल ने बताया एआई का महत्व
सम्मेलन में Google के विशेषज्ञों ने शिक्षा में एआई की भूमिका पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि एआई के जरिए छात्रों को नई तरह से सीखने का मौका मिलता है और शिक्षकों को पढ़ाने में नई तकनीकी मदद मिलती है। साथ ही जागरूकता और जिम्मेदारी के साथ एआई अपनाने पर जोर दिया गया।
इंटेल की वर्कशॉप में व्यावहारिक प्रशिक्षण
Intel द्वारा आयोजित वर्कशॉप इस सम्मेलन का मुख्य आकर्षण रही। इसमें 100 से ज्यादा प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। इस सत्र में बताया गया कि सरकारी सिस्टम में एआई टूल्स को कैसे लागू किया जा सकता है। साथ ही डेटा सुरक्षा, गोपनीयता और जिम्मेदार उपयोग जैसे अहम मुद्दों पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
स्कूल लीडर्स के लिए खास सत्र
IK Gujral Punjab Technical University (आईकेजी पीटीयू) ने स्कूल प्रिंसिपलों और लीडर्स के लिए विशेष वर्कशॉप आयोजित की। इसमें बताया गया कि स्कूलों में एआई को कैसे सही तरीके से लागू किया जाए और पढ़ाई की गुणवत्ता को कैसे बेहतर बनाया जाए। इसके अलावा एआई से बने कंटेंट की पहचान करने की जरूरत पर भी जोर दिया गया।
छात्रों के लिए एआई सीखने का मौका
Neev AI द्वारा आयोजित छात्र-केंद्रित सत्र में बच्चों को एआई के बेसिक और प्रैक्टिकल उपयोग के बारे में सिखाया गया। छात्रों ने इसमें काफी उत्साह दिखाया और नए-नए टूल्स को सीखने में रुचि दिखाई। उन्हें यह भी बताया गया कि एआई कैसे काम करता है और इसे बनाने के लिए किन-किन स्किल्स की जरूरत होती है।
विद्यार्थियों में दिखा जबरदस्त उत्साह
इस पूरे कार्यक्रम में पंजाब के छात्रों की भागीदारी खास रही। उनकी जिज्ञासा और नई तकनीक को सीखने की इच्छा साफ नजर आई। छात्रों ने एआई के जरिए भविष्य में नए करियर विकल्पों को लेकर भी रुचि दिखाई, जिससे यह साफ है कि आने वाले समय में शिक्षा का स्वरूप तेजी से बदलने वाला है।
कार्यक्रम के सफल आयोजन की सराहना
डॉ. अमरपाल सिंह ने इस दो-दिवसीय सम्मेलन को सफल बनाने के लिए Elyx Events की टीम की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन शिक्षा के क्षेत्र में नए बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
