दुनिया की बड़ी टेक कंपनी Meta Platforms में बड़े स्तर पर छंटनी की खबर सामने आई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी आने वाले महीनों में करीब 16,000 कर्मचारियों को नौकरी से निकाल सकती है। यह संख्या कंपनी के कुल कर्मचारियों का लगभग 20% तक हो सकती है, जो अब तक की सबसे बड़ी छंटनी मानी जा रही है।
पहले चरण में 8,000 कर्मचारियों पर असर
जानकारी के अनुसार, इस छंटनी की शुरुआत मई से हो सकती है। पहले चरण में करीब 8,000 कर्मचारियों को निकाला जाएगा, जबकि बाद में और भी कर्मचारियों पर असर पड़ सकता है। यह कदम कंपनी के बड़े री-स्ट्रक्चरिंग प्लान का हिस्सा बताया जा रहा है।
AI पर फोकस बना वजह
इस बड़े फैसले के पीछे सबसे बड़ी वजह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर बढ़ता खर्च है। कंपनी AI टेक्नोलॉजी, डेटा सेंटर और नए प्रोजेक्ट्स पर भारी निवेश कर रही है। ऐसे में लागत कम करने और काम को ज्यादा प्रभावी बनाने के लिए कर्मचारियों की संख्या घटाई जा रही है।
पहले भी हो चुकी है बड़ी छंटनी
यह पहली बार नहीं है जब Meta में बड़े पैमाने पर छंटनी हो रही है। इससे पहले 2022-23 में कंपनी ने 20,000 से ज्यादा कर्मचारियों को बाहर किया था। उस समय भी कंपनी ने इसे “Year of Efficiency” यानी खर्च कम करने की रणनीति का हिस्सा बताया था।
टेक इंडस्ट्री में बढ़ रहा ट्रेंड
Meta ही नहीं, बल्कि Amazon, Block और अन्य टेक कंपनियां भी AI की ओर बढ़ते कदमों के कारण कर्मचारियों की संख्या कम कर रही हैं। नई टेक्नोलॉजी के आने से कई काम ऑटोमेट हो रहे हैं, जिससे कंपनियां कम कर्मचारियों में ज्यादा काम कर पा रही हैं।
कर्मचारियों के लिए चिंता बढ़ी
इस खबर के बाद कर्मचारियों के बीच चिंता का माहौल है। खासकर मिड-लेवल मैनेजमेंट और कुछ टेक टीमों पर ज्यादा असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है। आने वाले समय में यह छंटनी टेक सेक्टर में रोजगार की स्थिति को और प्रभावित कर सकती है।
