पंजाब में बेअदबी के खिलाफ कानून लागू होने के बाद इसे एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है। कैबिनेट मंत्री Lal Chand Kataruchak ने कहा कि यह दिन ‘गुरु रूप साध संगत’ के लिए बेहद खास और गर्व का क्षण है।
संगत की मांग हुई पूरी
मंत्री ने बताया कि मान सरकार ने लंबे समय से चली आ रही संगत की मांग को पूरा किया है। इस कानून के लागू होने से धार्मिक भावनाओं की सुरक्षा को और मजबूती मिलेगी और समाज में सकारात्मक संदेश जाएगा।
कड़ी सजा का प्रावधान
नए कानून के तहत बेअदबी करने वाले दोषियों के लिए सख्त सजा का प्रावधान किया गया है। इसमें उम्रकैद तक की सजा और 25 लाख रुपये तक का भारी जुर्माना शामिल है। इसका उद्देश्य ऐसी घटनाओं को रोकना और दोषियों को कड़ी सजा देना है।
सरकार का सख्त संदेश
सरकार ने इस कानून के जरिए स्पष्ट संदेश दिया है कि धार्मिक ग्रंथों के सम्मान के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। इस फैसले से राज्य में कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
