पंजाब सरकार ने एक अहम निर्णय लेते हुए ‘श्री जागत जोत गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) अधिनियम, 2026’ को आज आधिकारिक रूप से अधिसूचित कर दिया है। इस संबंध में जानकारी राज्य के वित्त मंत्री Harpal Singh Cheema ने दी। उन्होंने बताया कि यह कानून हाल ही में पंजाब विधानसभा के सत्र में पारित किया गया था और 17 अप्रैल को राज्यपाल की मंजूरी मिलने के बाद अब लागू हो गया है।
कानून का उद्देश्य क्या है
इस नए संशोधन का मुख्य उद्देश्य गुरु ग्रंथ साहिब जी के सर्वोच्च सम्मान और गरिमा को बनाए रखना है। सिख धर्म में गुरु ग्रंथ साहिब को जीवित गुरु का दर्जा प्राप्त है, इसलिए इसके सम्मान की रक्षा करना बेहद जरूरी माना जाता है।
बेअदबी पर सख्त कार्रवाई
इस कानून के तहत अगर कोई व्यक्ति गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी करता है या इसमें शामिल पाया जाता है, तो उसे कड़ी से कड़ी सजा दी जाएगी। सरकार ने साफ कर दिया है कि धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सरकार की मजबूत प्रतिबद्धता
मुख्यमंत्री Bhagwant Mann के नेतृत्व वाली सरकार ने इसे अपनी दृढ़ प्रतिबद्धता का हिस्सा बताया है। सरकार का कहना है कि राज्य में धार्मिक शांति बनाए रखने और लोगों की आस्था की रक्षा के लिए यह कानून जरूरी है।
समाज में सम्मान और भाईचारे पर जोर
इस अधिनियम के लागू होने से राज्य में यह संदेश दिया गया है कि गुरु साहिब के सम्मान के साथ कोई समझौता नहीं होगा। साथ ही, लोगों से अपील की गई है कि वे धार्मिक मूल्यों का सम्मान करें और समाज में आपसी भाईचारा बनाए रखें।
