Strait of Hormuz दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है। यह ईरान और ओमान के बीच स्थित एक संकरा रास्ता है, जो फारस की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ता है। दुनिया के बड़े हिस्से का तेल और गैस इसी रास्ते से गुजरता है, इसलिए यहां किसी भी तरह की समस्या का असर सीधे वैश्विक बाजार पर पड़ता है।
बारूदी सुरंगों से बढ़ा खतरा
अमेरिकी रक्षा विभाग Pentagon ने खुलासा किया है कि इस क्षेत्र में ईरानी सेना द्वारा बिछाई गई बारूदी सुरंगों को हटाने में करीब 6 महीने का समय लग सकता है। इसका मतलब है कि समुद्री रास्ता तुरंत सामान्य नहीं हो पाएगा और जहाजों की आवाजाही लंबे समय तक प्रभावित रह सकती है।
गोपनीय ब्रीफिंग में बड़ा खुलासा
The Washington Post की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी सांसदों को एक गोपनीय ब्रीफिंग में यह जानकारी दी गई। इसमें बताया गया कि सुरंगों को हटाने का काम जटिल और समय लेने वाला है। इससे ऊर्जा की कीमतों में जल्दी राहत मिलने की संभावना कम हो गई है।
युद्ध का असर लंबे समय तक
28 फरवरी को शुरू हुए संघर्ष के बाद से इस समुद्री मार्ग में लगातार तनाव बना हुआ है। जब तक United States और Iran के बीच पूरी तरह शांति स्थापित नहीं होती, तब तक सुरंगों को हटाने का काम शुरू करना मुश्किल है। इसका असर साल के अंत तक या उससे भी आगे तक जारी रह सकता है।
जहाजों की आवाजाही पर असर
इस संकट के कारण होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों की संख्या कम हो गई है। ईरान ने केवल चुनिंदा जहाजों को ही विशेष रास्ते से गुजरने की अनुमति दी है। इससे अंतरराष्ट्रीय व्यापार और सप्लाई चेन पर दबाव बढ़ गया है।
ऊर्जा आपूर्ति पर गहरा असर
तेल और गैस की सप्लाई प्रभावित होने से वैश्विक ऊर्जा बाजार में अस्थिरता बढ़ गई है। खाड़ी देशों से आने वाले तेल की सप्लाई कम होने के कारण कीमतों में तेजी देखी जा रही है। इसका असर दक्षिण एशिया, यूरोप और अमेरिका सहित कई देशों में महसूस किया जा रहा है।
दुनिया भर में बढ़ी चिंता
इस पूरे घटनाक्रम ने दुनिया भर के देशों की चिंता बढ़ा दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर स्थिति जल्द सामान्य नहीं होती, तो महंगाई और ऊर्जा संकट और गहरा सकता है।
