पंजाब के मुख्यमंत्री Bhagwant Mann ने दिल्ली के मुख्यमंत्री Arvind Kejriwal के फैसले पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि केजरीवाल ने सत्य और आत्मसम्मान की लड़ाई का मजबूत उदाहरण पेश किया है।
आत्मसम्मान और न्याय की बात
भगवंत मान ने कहा कि केजरीवाल ने यह दिखा दिया है कि जब बात आत्मसम्मान और न्याय की हो, तो किसी भी चीज का त्याग करने के लिए तैयार रहना चाहिए। यह कदम सिद्धांतों और मूल्यों पर आधारित है।
निष्पक्षता पर चिंता
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब न्यायिक प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठते हैं, तो जनता का विश्वास कमजोर हो जाता है। ऐसे हालात में लोगों के मन में संदेह पैदा होना स्वाभाविक है।
समर्थन का ऐलान
भगवंत मान ने साफ कहा कि वह और उनकी पार्टी पूरी तरह से केजरीवाल के साथ खड़े हैं। उन्होंने इसे सत्य की लड़ाई बताते हुए कहा कि इस मुद्दे पर मजबूती से समर्थन जारी रहेगा।
केजरीवाल का पक्ष
केजरीवाल ने अपने बयान में कहा कि उन्होंने पूरी विनम्रता और न्यायपालिका के प्रति सम्मान रखते हुए जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा को पत्र लिखा है। उन्होंने बताया कि गांधीवादी सिद्धांत ‘सत्याग्रह’ को अपनाते हुए वह इस केस में उनके कोर्ट में आगे पेश नहीं होंगे।
अदालत में पेश न होने का कारण
केजरीवाल का कहना है कि उन्होंने यह निर्णय इसलिए लिया क्योंकि उन्हें लगा कि कोर्ट में चल रही सुनवाई उस बुनियादी सिद्धांत को पूरा नहीं करती, जिसमें न्याय का दिखना भी उतना ही जरूरी है जितना उसका होना।
