पंजाब के कैबिनेट मंत्री और आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष Aman Arora ने न्यायिक व्यवस्था को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि लोगों का न्यायपालिका पर भरोसा कमजोर होता दिख रहा है।
केजरीवाल के केस पर प्रतिक्रिया
अमन अरोड़ा ने Arvind Kejriwal के खिलाफ चल रहे मामले को लेकर कहा कि यह झूठे आरोपों पर आधारित है। उन्होंने जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की भूमिका पर भी सवाल उठाए और कहा कि ऐसे हालात में निष्पक्ष न्याय की उम्मीद करना मुश्किल हो जाता है।
अदालत में पेश न होने का फैसला
उन्होंने बताया कि केजरीवाल ने अहिंसा और शांति के मार्ग को अपनाते हुए एक पत्र लिखा है। इस पत्र में उन्होंने साफ किया है कि वह इस मामले में न तो खुद अदालत में पेश होंगे और न ही उनकी ओर से कोई वकील पेश होगा।
अंतरात्मा की बात
अमन अरोड़ा ने कहा कि यह कदम एक मजबूत संदेश देता है और उम्मीद जताई कि इससे न्यायपालिका के भीतर भी आत्ममंथन होगा। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।
केजरीवाल का पक्ष
केजरीवाल ने अपने बयान में कहा कि उन्होंने पूरी विनम्रता और न्यायपालिका के प्रति सम्मान रखते हुए जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा को पत्र लिखा है। उन्होंने बताया कि गांधीवादी सिद्धांत ‘सत्याग्रह’ को अपनाते हुए वह इस केस में उनके कोर्ट में आगे पेश नहीं होंगे।
अदालत में पेश न होने का कारण
केजरीवाल का कहना है कि उन्होंने यह निर्णय इसलिए लिया क्योंकि उन्हें लगा कि कोर्ट में चल रही सुनवाई उस बुनियादी सिद्धांत को पूरा नहीं करती, जिसमें न्याय का दिखना भी उतना ही जरूरी है जितना उसका होना।
