पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दूसरे और अंतिम चरण की वोटिंग आज 29 अप्रैल को सुबह 7 बजे से शुरू हो गई। इस चरण में कुल 142 विधानसभा सीटों पर मतदान हो रहा है, जो राज्य की राजनीति के लिए बेहद अहम माना जा रहा है। मतदान शाम 6 बजे तक चलेगा और लाखों मतदाता अपने मताधिकार का उपयोग कर रहे हैं।
इस चरण में करीब 3.21 करोड़ से ज्यादा मतदाता वोट डालने के पात्र हैं, जिससे यह चुनाव और भी महत्वपूर्ण बन जाता है।
कड़े सुरक्षा इंतजाम, पूरे राज्य में हाई अलर्ट
दूसरे चरण की वोटिंग को शांतिपूर्ण बनाने के लिए भारी सुरक्षा व्यवस्था की गई है। लगभग 2.3 लाख केंद्रीय सुरक्षा बलों के जवान और हजारों राज्य पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं।
इसके अलावा हर मतदान केंद्र पर सुरक्षा कर्मियों की निगरानी, CCTV कैमरे और वेबकास्टिंग की व्यवस्था की गई है ताकि चुनाव पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से हो सके।
हाई प्रोफाइल सीटों पर कड़ा मुकाबला
इस चरण में कई बड़ी और चर्चित सीटों पर मुकाबला देखने को मिल रहा है। सबसे ज्यादा ध्यान कोलकाता की भवानीपुर सीट पर है, जहां मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और बीजेपी नेता सुवेंदु अधिकारी आमने-सामने हैं।
इसके अलावा कई अन्य सीटों पर भी टीएमसी, बीजेपी, कांग्रेस और वाम दलों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिल रही है, जिससे चुनाव का माहौल बेहद गरमाया हुआ है।
राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप और तकनीकी दिक्कतें
मतदान के दौरान कुछ जगहों पर राजनीतिक तनाव और आरोप-प्रत्यारोप भी देखने को मिले। बीजेपी और टीएमसी ने एक-दूसरे पर हिंसा और दबाव बनाने के आरोप लगाए हैं।
कुछ मतदान केंद्रों पर EVM मशीनों में तकनीकी खराबी की खबरें भी सामने आईं, हालांकि चुनाव आयोग ने तुरंत इन समस्याओं को ठीक करने के निर्देश दिए।
मतदाताओं के लिए जरूरी नियम और पहचान पत्र
वोट डालने के लिए मतदाताओं को वैध पहचान पत्र साथ लाना जरूरी है। इसमें वोटर आईडी, आधार कार्ड, पासपोर्ट या ड्राइविंग लाइसेंस जैसे दस्तावेज मान्य हैं।
साथ ही, मतदान केंद्र के अंदर मोबाइल फोन या अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण ले जाना मना है और सभी को चुनाव आयोग के नियमों का पालन करना जरूरी है।
प्रधानमंत्री की अपील, रिकॉर्ड मतदान की उम्मीद
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी लोगों से बड़ी संख्या में मतदान करने की अपील की है। उन्होंने खासकर युवाओं और महिलाओं से आगे आकर लोकतंत्र को मजबूत करने का संदेश दिया।
पहले चरण में रिकॉर्ड मतदान हुआ था और अब दूसरे चरण में भी उससे ज्यादा वोटिंग की उम्मीद जताई जा रही है, जिससे यह चुनाव और ज्यादा निर्णायक बन सकता है।
