सप्ताह के चौथे कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार लाल निशान पर बंद हुए। BSE सेंसेक्स आज 582.86 अंक (0.75%) फिसलकर 76,913.50 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 50 भी 180.10 अंक (0.74%) की गिरावट के साथ 23,997.55 पर आ गया। आज के कारोबार में निफ्टी ने मनोवैज्ञानिक स्तर 24,000 के नीचे क्लोजिंग दी, जो बाजार के सेंटीमेंट के लिए थोड़ा चिंताजनक रहा।
बाजार गिरने के मुख्य कारण
बाजार में आज की गिरावट के पीछे कई बड़े कारण रहे:
- कच्चे तेल की कीमतों में आग: ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत $116 प्रति बैरल के पार पहुंच गई है, जिससे भारत जैसी तेल आयातक अर्थव्यवस्था के लिए महंगाई का खतरा बढ़ गया है।
- विदेशी निवेशकों (FII) की बिकवाली: विदेशी संस्थागत निवेशकों ने बाजार से पैसा निकालना जारी रखा, जिसका असर सीधा सूचकांकों पर पड़ा।
- डॉलर के मुकाबले रुपया कमजोर: अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया कमजोर होकर ₹95 के करीब पहुंच गया है, जिससे बाजार में बेचैनी बढ़ी।
- मंथली एक्सपायरी: आज अप्रैल महीने की मंथली एक्सपायरी थी, जिसकी वजह से बाजार में काफी ज्यादा अस्थिरता (Volatility) देखने को मिली।
किन शेयरों ने कराई कमाई, कौन डूबे?
बाजार की इस गिरावट में भी कुछ शेयरों ने निवेशकों को राहत दी, जबकि कुछ ने निराश किया:
- टॉप गेनर्स (मुनाफा देने वाले): सन फार्मा, इंफोसिस, बजाज फाइनेंस, टेक महिंद्रा और अडानी पोर्ट्स जैसे शेयरों में आज खरीदारी देखी गई।
- टॉप लूजर्स (घाटा देने वाले): टाटा स्टील, एक्सिस बैंक, लार्सन एंड टुब्रो (L&T), हिंदुस्तान यूनिलीवर (HUL) और इटरनल के शेयरों में आज सबसे ज्यादा बिकवाली हुई।
अडानी एंटरप्राइजेज के नतीजों पर रही नजर
आज अडानी ग्रुप की फ्लैगशिप कंपनी अडानी एंटरप्राइजेज ने अपने चौथी तिमाही (Q4) के नतीजे घोषित किए। कंपनी को इस तिमाही में ₹220.71 करोड़ का घाटा हुआ है, जबकि पिछले साल इसी समय उसे बड़ा मुनाफा हुआ था। हालांकि, कंपनी ने अपने शेयरधारकों के लिए ₹1.30 प्रति शेयर के डिविडेंड (लाभांश) का ऐलान किया है।
निवेशकों के लिए आगे की राह
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और तेल की कीमतों पर नजर रखनी होगी। चूंकि आगे एक लंबा वीकेंड आ रहा है, इसलिए निवेशकों ने अपनी पोजीशन कम की है। अब सबकी नजर मई महीने की शुरुआत और आने वाले नए तिमाही नतीजों पर टिकी होगी।
